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INDIA Alliance Rally: सुवेंदु अधिकारी का INDIA गठबंधन की दिल्ली रैली पर तीखा हमला, बोले- किसी की मर्जी से नहीं हटेगी सरकार

INDIA गठबंधन 1 नवंबर को रामलीला मैदान में SIR, कथित वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर महारैली करने की तैयारी में है। भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने भी विपक्ष पर निशाना साधा।

INDIA Alliance Rally: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की महारैली को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), कथित वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों की ओर से आयोजित इस रैली पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी सरकार को सत्ता से हटाने या सत्ता में लाने का फैसला केवल चुनाव के जरिए होना चाहिए। किसी की मर्जी से सरकार नहीं हटेगी।

INDIA गठबंधन की रैली पर सुवेंदु अधिकारी का बयान

INDIA गठबंधन की प्रस्तावित रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति, संस्थान और राजनीतिक दल को अपनी बात रखने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विरोध-प्रदर्शन कानून के दायरे में रहकर और निर्धारित नियमों का पालन करते हुए किए जाने चाहिए।

उन्होंने रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने के संदर्भ में कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए और पुलिस की ओर से तय व्यवस्था के अनुसार प्रदर्शन करना उचित है। उनके मुताबिक, जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जा रहा था, तब सुप्रीम कोर्ट ने रामलीला मैदान में प्रदर्शन करने की बात कही थी।

सुवेंदु अधिकारी ने अपने बयान में सरकारों के जनादेश का जिक्र करते हुए कहा कि देश और पश्चिम बंगाल की सरकारें जनता के वोट से चुनी गई हैं। आने वाले चुनावों में जनता अपने मत के जरिए अपनी राय जाहिर करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकार को हटाने का फैसला सड़कों पर प्रदर्शन या किसी राजनीतिक दल की इच्छा से नहीं, बल्कि चुनाव के माध्यम से होना चाहिए।

SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष की रणनीति

INDIA गठबंधन की इस महारैली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा प्रमुख रहने की संभावना है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं और कथित वोट चोरी के आरोपों के बीच चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। गठबंधन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है।

विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं, भाजपा और उसके नेताओं की ओर से विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक रणनीति पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।

रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली को विपक्षी दलों की एकजुटता दिखाने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है। ऐसे में इस आयोजन से पहले ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। रैली में SIR, चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष का रुख सामने आने की उम्मीद है।

भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने भी विपक्ष को घेरा

INDIA गठबंधन की महारैली को लेकर भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि असली कार्यवाही संसद में होती है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष वहां मौजूद नहीं रहते। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता सदन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय दूसरी बातों में उलझे रहते हैं और सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को प्राथमिकता देते हैं।

शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि यदि विपक्ष को किसी मुद्दे पर आपत्ति है, तो उसे संसद में आकर अपनी बात रखनी चाहिए। उनके मुताबिक, सदन का उद्देश्य ही महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करना और समस्याओं का समाधान तलाशना है। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों पर होने वाले प्रदर्शनों से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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रैली से पहले बढ़ी सियासी बयानबाजी

दिल्ली में INDIA गठबंधन की प्रस्तावित महारैली ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। एक ओर विपक्ष SIR, कथित वोट चोरी और चुनाव आयोग से जुड़े सवालों को उठाने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर भाजपा नेता विरोध-प्रदर्शन के तरीके और विपक्ष की रणनीति पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

सुवेंदु अधिकारी का बयान इसी राजनीतिक टकराव की एक कड़ी है। उन्होंने चुनाव को सरकार बनाने और बदलने का संवैधानिक माध्यम बताते हुए विपक्ष को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखने की नसीहत दी है। अब 1 नवंबर को होने वाली रैली में विपक्ष किन मुद्दों को प्रमुखता देता है और उसके जवाब में भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।

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