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UP FSDA: दिवाली से पहले मिठाई दुकानों पर FSDA की सख्ती, यूपी के 86 प्रतिष्ठानों की जांच; 71 नोटिस जारी

UP FSDA: तीन शहरों में 86 प्रतिष्ठानों की जांच, 71 नोटिस जारी

UP FSDA: दीपावली के त्योहार पर उपभोक्ताओं को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण मिठाई व नमकीन उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने जांच अभियान तेज कर दिया है। ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत वाराणसी, आगरा और लखनऊ में मिठाई-नमकीन बनाने वाले प्रतिष्ठानों और खाद्य कारोबार इकाइयों का निरीक्षण किया गया।

विभागीय जानकारी के अनुसार, तीनों शहरों में कुल 86 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों में कमियां मिलने पर 71 सुधार नोटिस जारी किए गए और 30 खाद्य नमूने लिए गए। गंभीर अनियमितताओं के मामलों में चार प्रतिष्ठानों के खाद्य कारोबार लाइसेंस निलंबित किए जाने की कार्रवाई की गई, जबकि लखनऊ में एक मिठाई प्रतिष्ठान का कारोबार बंद कराया गया।

निरीक्षण के दौरान परिसर की साफ-सफाई, कच्चे माल की गुणवत्ता, दूध और दुग्ध उत्पादों का भंडारण, खाद्य रंगों व योजकों का इस्तेमाल, खाद्य तेल की गुणवत्ता, पेयजल, कीट नियंत्रण और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे बिंदुओं की जांच की गई। इसके अलावा लाइसेंस, अभिलेख, पैकेजिंग और लेबलिंग नियमों के पालन की स्थिति भी देखी गई।

वाराणसी में 30 प्रतिष्ठानों की जांच, कोजी स्वीट्स में मिलीं गंभीर कमियां

वाराणसी में मिठाई और नमकीन के निर्माण तथा बिक्री से जुड़े 30 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। यहां 28 सुधार नोटिस जारी किए गए और खाद्य पदार्थों के 15 नमूने संकलित किए गए।

सिंधी कॉलोनी, पाण्डेयपुर स्थित कोजी स्वीट्स में जांच के दौरान विनिर्माण परिसर की स्वच्छता संतोषजनक नहीं मिली। परिसर के कई हिस्सों में पानी जमा था, फर्श पर गंदगी थी और दीवारों पर जाले पाए गए। अपशिष्ट प्रबंधन की उचित व्यवस्था भी नहीं मिली। इसके अलावा खाद्य और अखाद्य पदार्थों को रखने के तरीके तथा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और बर्तनों की सफाई में भी कमियां सामने आईं।

विभागीय निरीक्षण में पेस्ट कंट्रोल और जल गुणवत्ता से संबंधित रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं मिली। इन खामियों को गंभीर मानते हुए प्रतिष्ठान की खाद्य कारोबार अनुज्ञप्ति निलंबित करने की अनुशंसा की गई। विभाग के अनुसार, निर्धारित मानकों के अनुरूप सुधार होने के बाद ही विनिर्माण दोबारा शुरू करने की अनुमति का सवाल आएगा।

आगरा में 27 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 19 नोटिस जारी

आगरा में खाद्य सुरक्षा टीमों ने 27 मिठाई और नमकीन प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान 19 सुधार नोटिस जारी किए गए और 15 खाद्य नमूने लिए गए। निरीक्षण में स्वच्छता, परिसर के रखरखाव, पैकेजिंग और खाद्य पदार्थों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया।

बांके बिहारी मिष्ठान भंडार में साफ-सफाई की कमी

कमला नगर स्थित बांके बिहारी मिष्ठान भंडार में विनिर्माण परिसर की स्थिति अस्वच्छ पाई गई। परिसर के कुछ हिस्सों में जलजमाव, फर्श पर गंदगी और दीवारों पर जाले मिले। अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी।

मशीनों और बर्तनों की साफ-सफाई में कमी के साथ पेस्ट कंट्रोल तथा जल गुणवत्ता से जुड़ी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं मिली। इन कमियों के आधार पर प्रतिष्ठान की खाद्य कारोबार अनुज्ञप्ति निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई है। विभागीय विवरण के मुताबिक, मानकों के अनुरूप सुधार के बाद ही उत्पादन दोबारा शुरू करने की बात कही गई है।

हीरा हलवाई में अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्माण

आगरा के सेठ गली स्थित हीरा हलवाई के परिसर में भी सफाई से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर पानी जमा मिला। फर्श पर गंदगी और दीवारों पर जाले भी पाए गए।

इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रतिष्ठान का खाद्य कारोबार लाइसेंस निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई। खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत विनिर्माण परिसर में स्वच्छता बनाए रखना कारोबारियों की जिम्मेदारी है।

पुष्पक स्वीट्स में बोरैक्स पाउडर मिलने का मामला

आगरा के छीपी टोला स्थित पुष्पक स्वीट्स भंडार में भी निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं मिलीं। परिसर की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं थी और लगभग दो मीटर हिस्से में टाइल्स नहीं लगी थीं। जल गुणवत्ता की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी तथा पैकिंग सामग्री खाद्य-ग्रेड मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

निरीक्षण के दौरान परिसर में बोरैक्स पाउडर भी मिला। विभागीय विवरण में इसका उल्लेख दूध की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किए जाने के संदर्भ में किया गया है। खाद्य पदार्थों में इस तरह बोरैक्स का इस्तेमाल अनुमन्य नहीं है। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए प्रतिष्ठान की खाद्य कारोबार अनुज्ञप्ति निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई।

हालांकि, केवल पाउडर मिलने से यह अपने आप साबित नहीं होता कि उसका इस्तेमाल किसी खाद्य पदार्थ में किया गया था। इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

लखनऊ में 29 प्रतिष्ठानों की जांच, राजस्थान वाला का कारोबार बंद

लखनऊ में अभियान के तहत 29 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और 24 सुधार नोटिस जारी किए गए। खाद्य सुरक्षा टीम को राजस्थान वाला मिठाई प्रतिष्ठान में गंदगी, दीवारों पर जाले, परिसर में अव्यवस्था और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी कमियां मिलीं।

निरीक्षण में सामने आई परिस्थितियों के आधार पर प्रतिष्ठान का कारोबार बंद कराया गया। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य मिठाई निर्माण और बिक्री के दौरान स्वच्छता तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है, ताकि त्योहार के समय उपभोक्ताओं को असुरक्षित खाद्य पदार्थों का जोखिम न उठाना पड़े।

खाद्य सुरक्षा टीमों ने किन बिंदुओं पर की जांच?

प्रदेश स्तरीय टीमों ने मिठाई और नमकीन क्षेत्र के लिए निर्धारित नियामक निरीक्षण मार्गदर्शिका के आधार पर कार्रवाई की। जांच में मुख्य रूप से इन बिंदुओं को शामिल किया गया:

  • विनिर्माण परिसर की सफाई और सैनिटेशन।
  • कच्चे माल की गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण।
  • प्रतिबंधित खाद्य रंगों और मिलावट से जुड़े जोखिम।
  • खाद्य तेल की गुणवत्ता।
  • मिठाइयों की शेल्फ लाइफ और ‘यूज बाय’ तिथि।
  • नमकीन निर्माण और पैकेजिंग की स्थिति।
  • पेयजल की गुणवत्ता और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता।
  • खाद्य कारोबार लाइसेंस, पंजीकरण और जरूरी अभिलेख।
  • पैक्ड खाद्य पदार्थों की लेबलिंग और खाद्य-ग्रेड पैकेजिंग।

टीमों ने एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण की वैधता और प्रतिष्ठान की वास्तविक गतिविधियों के अनुरूपता की भी जांच की। कच्चे माल के खरीद बिल, आपूर्तिकर्ताओं का विवरण और ट्रेसबिलिटी रिकॉर्ड देखे गए। पैक्ड खाद्य पदार्थों पर सामग्री सूची, एलर्जन संबंधी घोषणा, बैच नंबर, तारीख और अन्य अनिवार्य विवरणों की मौजूदगी भी जांच के दायरे में रही।

इसके अलावा, खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग में खाद्य-ग्रेड सामग्री के इस्तेमाल और समाचार-पत्र में खाद्य पदार्थ लपेटने पर लागू प्रतिबंध के पालन की स्थिति भी देखी गई।

खुदरा दुकानों में मिठाइयों की तारीख और भंडारण पर जोर

अभियान के दौरान खुदरा प्रतिष्ठानों में मिठाइयों पर ‘यूज बाय’ तिथि प्रदर्शित करने और पैकेजिंग नियमों के अनुपालन की जांच भी की गई। खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, कच्चे और पके हुए खाद्य पदार्थों को अलग रखने तथा दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया।

विभागीय निरीक्षण विवरण के अनुसार, कुछ बिंदुओं पर पहले की तुलना में सुधार दिखाई दिया। खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति कारोबारियों की सजगता बढ़ना उपभोक्ताओं के हित में सकारात्मक माना गया। हालांकि, जहां गंभीर कमियां पाई गईं, वहां सुधार नोटिस और लाइसेंस निलंबन की अनुशंसा जैसी कार्रवाई की गई।

त्योहार पर मिठाई खरीदते समय उपभोक्ता भी बरतें सावधानी

दिवाली के दौरान मिठाई और नमकीन की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए भी खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कुछ सावधानियां जरूरी हैं। मिठाई खरीदते समय दुकान की साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों को ढककर रखने और पैक्ड उत्पादों पर जरूरी जानकारी की जांच करना उपयोगी हो सकता है।

पैक्ड मिठाई या नमकीन खरीदते समय पैकेट पर दर्ज सामग्री, निर्माण और उपयोग की तारीख तथा अन्य जरूरी विवरण पढ़ें। यदि किसी खाद्य पदार्थ की गंध, रंग या बनावट असामान्य लगे, तो उसे खरीदने या खाने से बचें। किसी प्रतिष्ठान में गंभीर गंदगी या खाद्य सुरक्षा से जुड़ी अनियमितता दिखाई देने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दी जा सकती है।

‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत की गई जांच का उद्देश्य त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना है। आगे भी मानकों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

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