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Delhi Air Pollution: दिवाली से पहले दिल्ली में सांसों पर संकट! 450 के पार पहुंचा AQI, धुंध की चादर में लिपटी राजधानी

बारिश के बाद मिली राहत खत्म हो गई है। सोमवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 310 दर्ज किया गया, जबकि शाहदरा में 459 और सोनिया विहार में 457 तक पहुंच गया।

Delhi Air Pollution: दिवाली से पहले देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। बारिश के बाद साफ हुई हवा का असर अब खत्म होता नजर आ रहा है। सोमवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में धुंध की मोटी चादर दिखाई दी और वायु गुणवत्ता का स्तर बेहद खराब हो गया। सुबह 8:05 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 310 दर्ज किया गया। वहीं, कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर 450 के पार पहुंच गया है। ऐसे में त्योहार से पहले लोगों के सामने एक बार फिर सांसों का संकट खड़ा हो गया है।

कुछ दिन पहले तक बारिश और मौसम में नमी के कारण दिल्ली की हवा में सुधार देखने को मिला था। लोगों को प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन अब हालात फिर बिगड़ने लगे हैं। राजधानी के कई हिस्सों में सुबह से ही धुंध छाई रही। प्रदूषण का बढ़ता स्तर खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

शाहदरा और सोनिया विहार में AQI 450 के पार

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर अलग-अलग दर्ज किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, शाहदरा और सोनिया विहार सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। यहां AQI 450 के पार पहुंच गया है।

राजधानी के प्रमुख इलाकों में दर्ज AQI इस प्रकार है:

  • नई दिल्ली – 399
  • लक्ष्मी नगर – 253
  • आनंद विहार – 179
  • पंजाबी बाग – 391
  • रोहिणी – 326
  • सफदरजंग एनक्लेव – 398
  • साकेत – 378
  • ITO – 349
  • शाहदरा – 459
  • सोनिया विहार – 457

इन आंकड़ों से साफ है कि राजधानी के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुकी है। जहां शाहदरा और सोनिया विहार में प्रदूषण सबसे ज्यादा दर्ज किया गया, वहीं पंजाबी बाग, नई दिल्ली और सफदरजंग एनक्लेव में भी AQI 390 के आसपास बना हुआ है।

पाबंदियों के बावजूद प्रदूषण पर लगाम लगाना चुनौती

दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। 1 नवंबर से BS-VI मानक से नीचे के बाहरी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा कई स्थानों पर गैर-जरूरी निर्माण गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई है।

इन प्रतिबंधों के बावजूद प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। दिवाली नजदीक होने के कारण स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। त्योहार के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं पहले से खराब हवा को और जहरीला बना सकता है।

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दिवाली पर और बिगड़ सकते हैं हालात

दिल्ली में प्रदूषण का बढ़ता स्तर ऐसे समय में सामने आया है, जब दिवाली का त्योहार करीब है। हर साल सर्दियों की शुरुआत के साथ राजधानी में प्रदूषण की समस्या गंभीर होने लगती है। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और मौसम संबंधी परिस्थितियां हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं।

ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लंबे समय तक खुले में रहने से बचना चाहिए। हवा की गुणवत्ता खराब होने पर बाहरी गतिविधियां सीमित रखना और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना जरूरी है।

फिलहाल दिल्ली की हवा में बढ़ता प्रदूषण त्योहार की खुशियों के बीच स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन की पाबंदियां और प्रदूषण नियंत्रण के उपाय राजधानी को जहरीली हवा से कितनी राहत दिला पाते हैं।

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