International News: अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई में 2 करोड़ लोगों के जुटने का दावा, ईरान में 3 दिन का राजकीय शोक
तेहरान, कोम और मशहद में होंगे सार्वजनिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम, सुरक्षा कारणों से महीनों टला अंतिम संस्कार अब दुनिया की नजरों में
International News: अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई को लेकर ईरान में बड़े स्तर पर तैयारियां किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी प्रशासन ने उनके लिए तीन दिनों के राजकीय शोक और सार्वजनिक अंतिम संस्कार कार्यक्रम की योजना बनाई है। दावा किया जा रहा है कि इस शोक यात्रा और अंतिम विदाई कार्यक्रम में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा केवल राजधानी तेहरान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ईरान के दो प्रमुख धार्मिक शहरों कोम और मशहद से भी होकर गुजरेगी। प्रशासन का कहना है कि इन शहरों में सार्वजनिक श्रद्धांजलि सभाएं और विशेष प्रार्थना कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार की प्रमुख रस्में तेहरान में होंगी, जहां हजारों सुरक्षा कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात करने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद शव को मशहद ले जाया जाएगा, जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की योजना है। मशहद को उनका गृहनगर माना जाता है और इसी वजह से अंतिम दफन की रस्म वहीं आयोजित करने की बात कही जा रही है।
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि अंतिम संस्कार जून के मध्य में मोहर्रम के दौरान आयोजित किया जा सकता है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक सटीक तारीख और समय की घोषणा नहीं की गई है। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा सुरक्षा और व्यवस्थागत तैयारियों को ध्यान में रखते हुए तय की जाएगी।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अंतिम विदाई में सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, भारत और बांग्लादेश सहित कई पड़ोसी देशों से भी लोगों के आने की संभावना है। इसी कारण कार्यक्रम को लेकर विशेष प्रबंधन और सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।
आमतौर पर इस्लामी परंपरा में किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार मृत्यु के कुछ दिनों के भीतर कर दिया जाता है। लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा कारणों और क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए इस मामले में अंतिम संस्कार को लंबे समय तक टाल दिया गया था। अब जब सार्वजनिक कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो गई हैं, तो दुनिया भर की नजरें इस आयोजन पर टिकी हुई हैं।
यदि 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान सही साबित होता है, तो यह आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी सार्वजनिक शोक यात्राओं में से एक बन सकता है। फिलहाल दुनिया भर के राजनीतिक विश्लेषक और पश्चिम एशिया के जानकार इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
Written By: Ekta Verma



