Election Commission: चुनाव आयोग की अहम बैठक में कई मुद्दों पर मंथन, तीनों आयुक्त रहे मौजूद
Election Commission: फॉर्म-6 को लेकर उठे सवालों पर हुई चर्चा, आयोग ने कहा- प्रक्रिया और नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट है।
Election Commission: देश में चुनावी प्रक्रियाओं और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जारी चर्चाओं के बीच शनिवार को चुनाव आयोग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद रहे। आयोग के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस बैठक को मौजूदा चुनावी माहौल के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान मतदाता पंजीकरण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। खास तौर पर फॉर्म-6 को लेकर हाल के दिनों में उठे सवालों और विवादों पर भी विचार-विमर्श हुआ। आयोग का मानना है कि फॉर्म-6 को लेकर जो बहस चल रही है, उसे वास्तविक चुनावी प्रक्रिया के मूल मुद्दों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। बैठक में यह भी कहा गया कि इस फॉर्म में शामिल घोषणा संबंधी प्रावधानों को लेकर न्यायिक स्तर पर पहले ही स्पष्टता सामने आ चुकी है और प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित हो रही है।
इसके अलावा हाल ही में चर्चा में रही एक आधिकारिक चिट्ठी को लेकर भी आयोग ने अपना पक्ष स्पष्ट किया। आयोग के अधिकारियों ने कहा कि संबंधित पत्राचार का चुनाव आयोग के किसी नीतिगत निर्णय या चुनावी प्रक्रिया में बदलाव से कोई सीधा संबंध नहीं था। इसे केवल प्रशासनिक और औपचारिक संवाद के रूप में देखा जाना चाहिए। आयोग ने इस बात पर भी जोर दिया कि उसकी सभी नीतियां और फैसले निर्धारित संवैधानिक ढांचे तथा कानूनी प्रावधानों के आधार पर लिए जाते हैं।
बैठक के दौरान आगामी चुनावी कार्यक्रमों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मतदाता सूची के अद्यतन, नए मतदाताओं के पंजीकरण, तकनीकी व्यवस्थाओं और चुनावी प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। आयोग ने मतदाता सेवाओं को बेहतर बनाने तथा चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए जारी प्रयासों की भी समीक्षा की।
वहीं, चुनावी प्रक्रिया को लेकर बढ़ती सार्वजनिक दिलचस्पी और विभिन्न पक्षों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच आयोग ने स्पष्ट किया कि वह निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आयोग का कहना है कि चुनाव से जुड़े सभी निर्णय नियमों, प्रक्रियाओं और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप लिए जाते हैं।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में चुनाव आयोग, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर राजनीतिक दलों तथा विभिन्न संगठनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। ऐसे समय में आयोग की यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि आने वाले महीनों में कई राज्यों में चुनावी गतिविधियां तेज होने वाली हैं। माना जा रहा है कि बैठक में चुनावी प्रबंधन को और मजबूत बनाने तथा मतदाताओं का भरोसा कायम रखने से जुड़े मुद्दों पर भी विशेष ध्यान दिया गया।



