Monsoon Session: विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा से पास हुआ जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन बिल 2026, जानिए क्या बदलेंगे नियम
बिना चर्चा ध्वनिमत से पारित हुआ विधेयक, जन्म प्रमाण पत्र बनेगा कई सरकारी सेवाओं का प्रमुख दस्तावेज
Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विपक्ष की नारेबाजी के कारण सदन में किसी तरह की विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी और विधेयक को सीधे मंजूरी दे दी गई। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 3 अगस्त (सोमवार) तक के लिए स्थगित कर दी गई।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में यह विधेयक पेश किया। विपक्ष के विरोध के बावजूद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। बिल के पारित होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
विपक्ष पर किरेन रिजिजू का निशाना
बिल पारित होने के बाद किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद जनता के मुद्दों पर चर्चा करने का सर्वोच्च मंच है, लेकिन विपक्ष लगातार हंगामा कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार हर महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए तैयार रहती है, लेकिन विपक्ष सदन के भीतर बहस से बचता है और बाद में सरकार पर बिना चर्चा के विधेयक पारित कराने का आरोप लगाता है।
उन्होंने विपक्ष से अपील की कि भविष्य में संसद की कार्यवाही को बाधित करने के बजाय रचनात्मक सहयोग करें ताकि महत्वपूर्ण विधेयकों पर सार्थक चर्चा हो सके।
क्या है जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन बिल 2026?
सरकार का उद्देश्य देश में जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। नए कानून के लागू होने के बाद पूरे देश का जन्म और मृत्यु रिकॉर्ड एक राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा।
इससे रिकॉर्ड का सत्यापन आसान होगा, फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगेगी और सरकारी विभागों के बीच डेटा साझा करने की प्रक्रिया तेज और अधिक विश्वसनीय बनेगी।
जन्म प्रमाण पत्र की बढ़ेगी अहमियत
नए प्रावधानों के तहत जन्म प्रमाण पत्र कई सरकारी सेवाओं और आधिकारिक प्रक्रियाओं के लिए प्रमुख पहचान दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे नागरिकों को अलग-अलग दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता कम होगी और सरकारी सेवाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अधिक सरल बनेगी।
डिजिटल सिस्टम से होंगे कई फायदे
नई व्यवस्था लागू होने के बाद जन्म और मृत्यु से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। इससे डेटा प्रबंधन बेहतर होगा, रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज होंगी और नागरिकों को सेवाएं समय पर मिल सकेंगी।
संसद में जारी रहा गतिरोध
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करता रहा। शुक्रवार को भी भारी हंगामे के कारण सदन में सामान्य कार्यवाही नहीं चल सकी। इसी माहौल में जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक ध्वनिमत से पारित हुआ और इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित कर दी गई।



