adevertisment Adevertiisment banner

UP Politics: ओवैसी का बड़ा बयान, बोले- ‘नेहरू, गांधी या यादव को अपना नेता नहीं बनाएंगे’; अखिलेश और योगी पर भी साधा निशाना

रामपुर की जनसभा में AIMIM प्रमुख ने मुस्लिम युवाओं की राजनीतिक भागीदारी पर जोर दिया। अखिलेश यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी निशाने पर लिया।

UP Politics: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुस्लिम युवाओं की राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अब मुस्लिम समुदाय के लोग नेहरू, गांधी या यादव को अपना नेता नहीं बनाएंगे, बल्कि अपने बीच से नेतृत्व तैयार करेंगे। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा।

रामपुर में आयोजित जनसभा में ओवैसी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुस्लिम लड़के-लड़कियों में भी उतनी ही क्षमता है, जितनी दूसरे समुदायों के युवाओं में होती है। उनका कहना था कि प्रतिभा होने के बावजूद कई युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ने के लिए उचित मंच नहीं मिल पाता। AIMIM उन्हें यह अवसर देने की कोशिश कर रही है, ताकि वे राजनीति में अपनी पहचान बना सकें और समाज के लिए काम कर सकें।

‘मुस्लिम युवा भी नेता बनने की क्षमता रखते हैं’

ओवैसी ने अपने संबोधन में मुस्लिम युवाओं की राजनीतिक क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सभाओं में युवा लड़के और लड़कियां आगे खड़े दिखाई देते हैं और उनमें नेतृत्व करने की पूरी योग्यता है। ओवैसी के मुताबिक, युवाओं को केवल किसी दूसरे नेता के पीछे चलने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें खुद नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने के लिए आगे आना चाहिए।

उन्होंने कहा, “युवा मुसलमानों में भी उतनी ही क्षमता है जितनी दूसरे समुदायों के लोगों में होती है।” इस बयान के जरिए ओवैसी ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व में मुस्लिम युवाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने की बात रखी।

AIMIM प्रमुख ने युवाओं से देश की सेवा करने और जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने के लिए राजनीति में आने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि पार्टी युवाओं को मंच उपलब्ध करा रही है, जहां वे अपनी प्रतिभा और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ सकते हैं।

‘अब्दुल सिर्फ दरी बिछाने के लिए नहीं जन्मा’

अपने भाषण के दौरान ओवैसी ने मुस्लिम समुदाय की राजनीतिक भूमिका को लेकर एक तीखी टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि अब्दुल केवल सभाओं में दरी बिछाने और नेताओं के लिए इंतजाम करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खुद नेता, विधायक और सांसद बनेगा।

ओवैसी ने कहा कि लंबे समय से मुस्लिम समुदाय के लोगों को राजनीतिक कार्यक्रमों में सहयोगी की भूमिका में देखा जाता रहा है, जबकि नेतृत्व की जिम्मेदारी दूसरे लोग संभालते हैं। उन्होंने इस स्थिति में बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा कि मुस्लिम युवाओं को अपनी राजनीतिक पहचान खुद बनानी चाहिए।

उनके बयान का मुख्य संदेश यही था कि समुदाय के युवाओं को केवल किसी राजनीतिक दल या नेता के समर्थक के तौर पर नहीं, बल्कि निर्णय लेने और नेतृत्व करने वाले प्रतिनिधियों के रूप में भी आगे आना चाहिए। ओवैसी ने AIMIM को ऐसा मंच बताया, जहां युवा अपनी राजनीतिक संभावनाओं को आगे बढ़ा सकते हैं।

अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना

रामपुर की सभा में ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी निशाने पर लिया। उन्होंने दोनों नेताओं का जिक्र करते हुए कहा, “कुछ देर की खामोशी है, फिर शोर आएगा। अखिलेश-बाबा तुम्हारा वक्त आया है, हमारा दौर आएगा।”

इस बयान को उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी पार्टी की भूमिका मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, ओवैसी ने अपने संबोधन में जिन नेताओं पर निशाना साधा, उनके नामों के साथ अपनी राजनीतिक चुनौती भी पेश की।

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी राज्य की राजनीति के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं। ऐसे में AIMIM की ओर से मुस्लिम समुदाय के राजनीतिक नेतृत्व और प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाना चुनावी चर्चा को एक नया आयाम दे सकता है।

Uttar Pradesh Politics: कन्नौज में खाली कुर्सियों को लेकर अखिलेश यादव पर बरसे ओपी राजभर, बोले- ‘हैसियत पता चल गई’

विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM की रणनीति पर नजर

ओवैसी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं। AIMIM प्रमुख ने अपने भाषण में मुस्लिम युवाओं को पार्टी से जुड़ने और नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उनके संबोधन में राजनीतिक प्रतिनिधित्व, युवाओं की भागीदारी और समुदाय के भीतर नेतृत्व विकसित करने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

ओवैसी की राजनीति में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी और उसके स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व का मुद्दा अक्सर प्रमुखता से उठता रहा है। रामपुर में दिए गए बयान में भी उन्होंने इसी विचार को आगे बढ़ाया। उन्होंने नेहरू, गांधी और यादव का उल्लेख करते हुए संकेत दिया कि उनकी नजर में मुस्लिम समुदाय को दूसरे नेताओं पर निर्भर रहने के बजाय अपना नेतृत्व विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।

हालांकि, इस बयान का आगामी चुनाव में कितना असर होगा, यह पार्टी के संगठन, उम्मीदवारों के चयन, स्थानीय समीकरणों और मतदाताओं की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा। फिलहाल रामपुर की सभा के जरिए ओवैसी ने मुस्लिम युवाओं को राजनीति में आगे आने का संदेश दिया है। अब देखना होगा कि AIMIM इस संदेश को चुनावी रणनीति और जमीनी स्तर पर राजनीतिक भागीदारी में किस तरह बदलती है।

Related Articles

Back to top button