Pappu Yadav Attack News: ‘आज मुझे जान से मार देंगे’, हमले के बाद पप्पू यादव का बड़ा दावा; बोले- समझ नहीं आ रहा किस बात पर माफी मांगूं
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई धक्का-मुक्की, सांसद बोले- चार बार मिली जान से मारने की धमकी
Pappu Yadav Attack News: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर संसद परिसर में साधु वेश में प्रदर्शन करने के बाद अब उनके साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई धक्का-मुक्की ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। घटना के बाद पप्पू यादव ने दावा किया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और वे समझ नहीं पा रहे कि आखिर उनसे किस बात के लिए माफी मांगी जा रही है।
‘मैंने किसी संत या पार्टी का नाम नहीं लिया’
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने न किसी संत का नाम लिया, न किसी राजनीतिक दल का और न ही किसी संगठन को निशाना बनाया। उनका कहना था कि जब उन्होंने किसी का नाम ही नहीं लिया, तो अपमान का सवाल कैसे उठता है। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर उनकी गलती क्या है।
‘चार बार मिली जान से मारने की धमकी’
पप्पू यादव ने दावा किया कि घटना वाले दिन उन्हें सुबह से चार बार फोन पर जान से मारने की धमकी मिली। उन्होंने कहा कि उन्हें कहा गया कि आज उन्हें खत्म कर दिया जाएगा। सांसद ने आरोप लगाया कि वे केवल आस्था से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें ही माफी मांगने के लिए कहा जा रहा है।
‘भगवा पहनने का अधिकार सभी को है’
अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि हर नागरिक को भगवा वस्त्र पहनने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि आस्था और सनातन से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने की वजह से उन्हें कानूनी कार्रवाई या विरोध का सामना करना पड़ता है, तो वे उससे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
बीजेपी पर भी साधा निशाना
पप्पू यादव ने अपने बयान में बीजेपी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि सत्ता पक्ष को राजनीतिक लड़ाई लड़नी है तो वह पूरे विपक्ष से लड़े, लेकिन एक अकेले सांसद को निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे हर दिन “कफन बांधकर” जनता और आस्था से जुड़े मुद्दों के लिए निकलते हैं।
क्या है पूरा विवाद?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर पप्पू यादव ने संसद परिसर में साधु वेश धारण कर विरोध प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के बाद कुछ साधु-संतों और राजनीतिक दलों ने उनकी आलोचना की। इसके बाद उनके खिलाफ शिकायतें और एफआईआर दर्ज होने की खबरें सामने आईं। अब प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई धक्का-मुक्की और उनके धमकी वाले दावों ने इस पूरे विवाद को और अधिक राजनीतिक बना दिया है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
पप्पू यादव के ताजा आरोपों के बाद एक बार फिर राम मंदिर चढ़ावा विवाद और उससे जुड़ी राजनीति चर्चा के केंद्र में आ गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं और कानूनी कार्रवाई दोनों पर नजर रहेगी।


