Political News: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर सचिन पायलट का केंद्र सरकार पर हमला

पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने पर बोले सचिन पायलट- ‘चुनाव तक रोके गए दाम, वोट मिलते ही बढ़ा दिए’

Political News: देशभर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। Sachin Pilot ने ईंधन की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी को लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला बोला है।

राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने दावा किया कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाना पहले से तय था और सरकार ने चुनाव खत्म होने तक इसे रोके रखा।

‘वोट लो, फिर कीमत बढ़ाओ’ — सचिन पायलट

सचिन पायलट ने कहा,

“यह पहले से ही तय था. वोट लो, फिर कीमत बढ़ाओ.”

उन्होंने आरोप लगाया कि पांच राज्यों के चुनाव खत्म होते ही सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी।

पायलट के मुताबिक, चुनाव के दौरान जनता को राहत दिखाने के लिए कीमतों को नियंत्रित रखा गया, लेकिन मतदान खत्म होते ही महंगाई का बोझ आम लोगों पर डाल दिया गया।

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राजस्थान समेत देशभर में बढ़े ईंधन के दाम

शुक्रवार 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। राजस्थान सहित कई राज्यों में पेट्रोल के दाम 107 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गए हैं, जबकि डीजल की कीमत भी 93 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गई है।

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ता है। परिवहन महंगा होने से रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ने की आशंका रहती है।

कांग्रेस ने सरकार पर लगाया जनता को गुमराह करने का आरोप

कांग्रेस लगातार बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार को घेर रही है। पार्टी का आरोप है कि सरकार चुनावी राजनीति के हिसाब से पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करती है।

सचिन पायलट के बयान को भी इसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जहां कांग्रेस महंगाई के मुद्दे पर बीजेपी को घेरने की कोशिश कर रही है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतें क्यों बढ़ती हैं?

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, टैक्स, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और सरकारी नीतियों पर निर्भर करती हैं। तेल कंपनियां समय-समय पर बाजार की परिस्थितियों के अनुसार कीमतों में बदलाव करती हैं।

हालांकि विपक्ष का आरोप है कि सरकार टैक्स कम करके जनता को राहत दे सकती है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा।

Written By: Anushri  Yadav

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