NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा एक्शन, 5 गिरफ्तार, कई शहरों में छापेमारी

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े कथित घोटाले की जांच अब तेज हो गई है और कई राज्यों में छापेमारी तथा पूछताछ जारी है।

यह मामला तब सामने आया जब उच्च शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद CBI ने औपचारिक रूप से केस दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच एजेंसी के मुताबिक, अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से तीन लोगों को जयपुर से पकड़ा गया है, जबकि एक आरोपी गुरुग्राम और दूसरा नासिक से गिरफ्तार हुआ है। इसके अलावा कई अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है।

CBI ने जांच के दौरान देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी की है। एजेंसी को अलग-अलग जगहों से कई अहम सुराग मिले हैं। छापों के दौरान मोबाइल फोन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कथित आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इन डिजिटल सबूतों से पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

CBI द्वारा दर्ज FIR में गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात जैसे आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 की संबंधित धाराओं को भी शामिल किया गया है।

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए CBI तकनीकी और फॉरेंसिक विश्लेषण का सहारा ले रही है। एजेंसी राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के साथ मिलकर काम कर रही है, जिसने शुरुआती स्तर पर इस मामले की जांच की थी।

CBI अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता और पेशेवर तरीके से की जा रही है। एजेंसी का लक्ष्य केवल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे पेपर लीक नेटवर्क का खुलासा करना है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में भाजपा नेता दिनेश बिवाल और उनके भाई का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि NEET पेपर लीक से जुड़े एक कथित सौदे में करीब 30 लाख रुपये की लेनदेन की बात सामने आई है। हालांकि इस संबंध में जांच अभी जारी है।

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में CBI की कार्रवाई को परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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