गणतंत्र दिवस 2026: स्पेस में इतिहास रचने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को मिलेगा अशोक चक्र
गणतंत्र दिवस 2026 पर अंतरिक्ष में इतिहास रचने वाले IAF ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र मिलेगा। Axiom-4 मिशन, गैलेंट्री अवॉर्ड्स की पूरी लिस्ट पढ़ें।
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने देश के सर्वोच्च वीरता सम्मानों की घोषणा की। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को उनकी असाधारण बहादुरी और ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन के लिए अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा तीन अधिकारियों को कीर्ति चक्र और 13 को शौर्य चक्र प्रदान किया जाएगा।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 25 जून 2025 को Axiom-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरी थी। वे राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने और उन्होंने भारत के अंतरिक्ष इतिहास में नया अध्याय जोड़ा।
अंतरिक्ष में 20 दिन, 60 से अधिक प्रयोग
शुभांशु शुक्ला करीब 20 दिनों तक अंतरिक्ष में रहे और 14 जुलाई 2025 को सुरक्षित पृथ्वी पर लौटे। इस दौरान उन्होंने खेती, विज्ञान, नई तकनीक और मानव शरीर से जुड़ी रिसर्च से संबंधित 60 से अधिक प्रयोग किए। इन प्रयोगों से भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों और मानव जीवन पर अंतरिक्ष के प्रभावों को समझने में महत्वपूर्ण मदद मिली है।
लखनऊ से अंतरिक्ष तक का सफर
उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले शुभांशु शुक्ला ने 12वीं के बाद एनडीए (NDA) की परीक्षा पास की और वहीं से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। वे वर्ष 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए। वर्ष 2019 में उन्हें भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया था।
कीर्ति चक्र पाने वाले अधिकारी
- मेजर अर्शदीप सिंह
- नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा
- ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर
शौर्य चक्र पाने वाले अधिकारी (प्रमुख नाम)
- लेफ्टिनेंट कर्नल घाटगे आदित्य श्रीकुमार
- मेजर अंशुल बालटू
- मेजर शिवकांत यादव
- मेजर विवेक
- मेजर लीशांगथेम दीपक सिंह
- कैप्टन योगेन्द्र सिंह ठाकुर
- सूबेदार पी. एच. मूसा
- लांस दफादार बलदेव चंद (मरणोपरांत)
- राइफलमैन मंगलेम संग वैफेई
- राइफलमैन धुर्बा ज्योति दत्ता
- लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के
- लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए
- सहायक कमांडेंट विपीन विल्सन
इसके अलावा सेना, नौसेना और वायुसेना के कई अन्य अधिकारियों और जवानों को सेना पदक (वीरता), नौसेना पदक (वीरता) और वायु सेना पदक (वीरता) से भी सम्मानित किया गया है।
सरकार द्वारा जारी इस सूची में थलसेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों की वीरता, साहस और राष्ट्र सेवा में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता दी गई है।



