adevertisment Adevertiisment banner

गुलाम नबी आजाद ने डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी रखा अपनी पार्टी का नाम, झंडा भी किया लॉन्च

श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर): गुलाम नबी आजाद ने किया पार्टी के नाम डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी रखा है. कांग्रेस से नाता तोड़ने के एक महीने बाद, जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) सोमवार को अपने नए राजनीतिक संगठन का खुलासा करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं. आजाद से उनकी नई राजनीतिक पार्टी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ‘मैं सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा.’ रविवार को उन्होंने जानकारी दी है कि उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक की है.
इससे पहले, आजाद ने कांग्रेस छोड़ने के बाद जम्मू में अपनी पहली जनसभा में अपने स्वयं के राजनीतिक संगठन को शुरू करने की घोषणा की थी जो पूर्ण राज्य की बहाली पर ध्यान केंद्रित करेगा. उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर के लोग पार्टी के लिए नाम और झंडा तय करेंगे. उन्होंने कहा कि ‘मैंने अभी तक अपनी पार्टी के लिए नाम तय नहीं किया है. जम्मू-कश्मीर के लोग पार्टी का नाम और झंडा तय करेंगे. मैं अपनी पार्टी को एक हिंदुस्तानी नाम दूंगा, जिसे हर कोई समझ सकता है.’
उन्होंने कहा कि ‘मेरी पार्टी पूर्ण राज्य की बहाली, भूमि के अधिकार और मूल निवासी को रोजगार देने पर ध्यान केंद्रित करेगी.’ आजाद ने कहा कि आसन्न विधानसभा चुनाव को देखते हुए उनके राजनीतिक दल की पहली इकाई जम्मू-कश्मीर में बनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि ‘मेरी पार्टी पूर्ण राज्य का दर्जा, भूमि का अधिकार और मूल निवासी को रोजगार की बहाली पर ध्यान केंद्रित करेगी.’ उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग हमें (मुझे और मेरे समर्थकों को जिन्होंने पार्टी छोड़ दी है) बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी पहुंच कम्प्यूटर ट्वीट तक सीमित है.
पार्टी की आलोचना करते हुए आजाद ने कहा कि ‘कांग्रेस हमारे खून से बनी है, कम्प्यूटर से नहीं, ट्विटर से नहीं. लोग हमें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी पहुंच कम्प्यूटर और ट्वीट तक सीमित है. यही कारण है कि कांग्रेस जमीन पर कहीं नजर नहीं आती. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी पहली जनसभा जम्मू के सैनिक कॉलोनी में की थी. कांग्रेस पर तंज कसते हुए आजाद ने कहा कि कांग्रेस के लोग अब बसों में जेल जाते हैं, डीजीपी या कमिश्नर को बुलाते हैं, अपना नाम लिखवाते हैं और एक घंटे के भीतर चले जाते हैं.
यही कारण है कि कांग्रेस आगे नहीं बढ़ पा रही है. गौरतलब है कि आजाद ने पिछले हफ्ते सर्वदलीय पद से इस्तीफा दे दिया था. विशेष रूप से, वह 2005 से 2008 तक जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे. सोनिया गांधी को लिखे अपने त्याग पत्र में, उन्होंने पिछले लगभग नौ वर्षों में पार्टी को चलाने के तरीके को लेकर पार्टी नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी पर निशाना साधा था.

Related Articles

Back to top button