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गैंगस्टर भू माफिया परेश रस्तोगी पर बड़ा एक्शनएक अरब, 6 करोड़, 73 लाख से अधिक की संपत्ति कुर्क के आदेश

लखनऊ पुलिस ने गैंगेस्टर अभियुक्त परेश रस्तोगी की एक अरब छ: करोड़ तिहत्तर लाख तेरह हजार छ: सौ पचहत्तर रुपये  को अन्तिम रुप से कर्क किये जाने का पारित किया गया आदेश। सीपी एसबी शिरडकर के द्वारा शातिर अभियुक्त परेश रस्तोगी पुत्र लक्ष्मी चन्द्र रस्तोगी निवासी 41/1 लाला लाजपतराय मार्ग, थाना हजरतगंज, लखनऊ पर कड़ी कार्रवाई के क्रम में उसके द्वारा अप राध के माध्यम से धनोपार्जन कर अर्जित की गयी सम्पत्ति कीमत 1,16,23,13,675 रुपये (एक अरब सोलह करोड़ तेईस लाख तेरह हजार छ: सौ पचहत्तर रुपए) को यूपी गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम 1986की धारा 14(1) के तहत, राज्य के पक्ष में कुर्क किये जाने का प्रारम्भिक आदेश 13 जून 2022 को पारित किया गया था। आदेश के माध्यम से अभियुक्त को प्रश्नगत सम्पत्तियों के सम्बन्ध में वैध स्रोत दर्शित किये जान े का अवसर दिया गया, दो सम्पत्तियों के सम्बन्ध में अभ्यावेदन दाखिल किया गया, जिसके अनुसार यह सम्पत्तियां परेश रस्तोगी की नहीं पायी गयीं। बल्कि नियमानुसार अन्य व्यक्तियों को नाम विक्रय विलेख सम्पादित होना पाया गया, जिन्हे उनके पक्ष में मुक्त किया गया। परन्तु अभियुक्त की शेष संपत्ति 1,06,73,13,675रुपये  का वैध स्रोत से क्रय किया जाना दर्शित नहीं कर सका। जिसे देखते हुए सोमवार को अंतिम रूप से राज्य के पक्ष में कुर्क किये जाने का आदेश पारित किया गया।

अभियुक्त परेश रस्तोगी पुत्र लक्ष्मी चन्द्र रस्तोगी निवासी लाला लाजपतरा य मार्ग, थाना हजरतगंज, लखनऊ उपरोक्त विगत कई वर्ष पूर्व अपराध जगत में प्रवेश किया। अभियुक्त परेश रस्तोगी ने सर्वप्रथम आम लोगों को आवासीय कॉमर्शियल बिल्डिंग बनाकर देने के नाम पर छल करते हुए करोड़ों रुपए ठग लिये एवं आवासीय व कामर्शियल बिल्डिंग भी उपलब्ध नहीं करायी।
जब लोगों ने अपना पैसा वापस लेना चाहा, तो काफी लम्बे समय तक उनको झूठी दिलासा देते रहे तथा बरगला ते रहे तथा अपनी दबंगई के चलते उनकी आवाज दबा दिया, जिसके भय के कारण कोई भी व्यक्ति सामान्यत: इसके विरूद्ध मुकदमा लिखाने का साहस नहीं कर पाता था ।

अभियुक्त परेश रस्तोगी अपराध जगत में प्रवेश करने के बाद धीरे-धीरे अपना एक सुसंगठित गिरोह बनाक र जिसका वह गैंग लीडर है, गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर आर्थिक, भौतिक व दुनियावी लाभ के लिए अपराध कारित करने लगा। विगत कई वर्षों से वह अपराध करता रहा। कुछ दिन वह लोगों को बरगलाता रहा जब लोगों को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ, तो लोगों द्वार वर्ष 2017 अभियुक्त नें उक्त अपराधों को कारित कर अपने नाम से व बेनामी संव्यवहार कर एक इंद्र प्रसाद रस्तोगी (दादा) (2) लक्ष्मी चंद्र रस्तोगी (पिता) (3) सुधा रस्तोगी (माता) (4) नीति रस्तोगी (पत्नी) (5 ) पीयूष रस्तोगी (भाई) (6) सोनाली रस्तोगी (भाई की पत् नी) (7) शरनय रस्तोगी (भतीजा) (8) दीपक रस्तोगी (चचेरा भाई) (9) स्व. नरेन्द्र रस्तोगी (चचेरे भाई के पिता) (10) मधु रस्तोगी (चचेरे भाई की मां) (11) सोनिया रस्तोगी (चचेरे भाई की (12) स्व. लाल चंद्र रस्तोगी (मामा) (13) कृष्णा रस्तोगी (चाचा की पत्नी) के नाम से सम्पत्ति बना रखी है।  जिनके अर्जन का अभियुक्त के पास अपराध कर अर्जित करने के अलावा अन्य कोई आ य का ज्ञात वैध स्रोत नहीं है। अभियुक्त की कुर्क सम्पत्तियों में से सम्पत्ति  संख्या 4 व 7 जो अन्य व्यक्तियों के पक्ष में रजिस्टर्ड के अतिक्ति  अन्य सम्पत्तियों को जो अभियुक्त परेश रस्तोगी व उसके परिजनों द्वारा अपराध के माध्यम से बनायी गई है। 

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