New Delhi News-श्रीलंका में लगेगी भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेषों की प्रदर्शनी

New Delhi News-भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष पहली बार अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के तहत श्रीलंका में प्रदर्शित किए जाएंगे। यह ऐतिहासिक प्रदर्शनी श्रीलंकाई राजधानी कोलंबो में आयोजित होगी।

पिछले कुछ वर्षों में भारत अपनी समृद्ध बौद्ध विरासत को विभिन्न देशों के साथ साझा करता रहा है। इसी क्रम में बुद्ध और उनके प्रिय शिष्यों के पवित्र अवशेषों को प्रदर्शनी हेतु रूस, भूटान, मंगोलिया, वियतनाम और थाईलैंड जैसे देशों में भी भेजा जा चुका है।

श्रीलंका स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के माध्यम से आगामी प्रदर्शनी की जानकारी साझा की। उच्चायोग ने अपने संदेश में कहा कि वियतनाम से मंगोलिया और थाईलैंड से रूस तक, भारत अपनी बौद्ध विरासत को विश्व के साथ साझा करता रहा है। अब जब पवित्र देवनीमोरी अवशेष श्रीलंका पहुंच रहे हैं, तो यह भगवान बुद्ध के संदेश के माध्यम से विश्व को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

उच्चायोग के अनुसार ये पवित्र अवशेष 4 से 11 फरवरी के बीच श्रीलंका में रहेंगे। श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु इन्हें कोलंबो स्थित गंगारामया मंदिर में रखा जाएगा, जबकि सार्वजनिक पूजा 5 फरवरी से आरंभ होगी।

इससे पहले भी भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर जानकारी दी थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुरूप, भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष पहली बार अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए श्रीलंका लाए जा रहे हैं।

उच्चायोग ने यह भी रेखांकित किया कि भारत और श्रीलंका के बीच भगवान बुद्ध के धम्म पर आधारित एक अटूट सभ्यतागत संबंध है।

गौरतलब है कि ये पवित्र अवशेष गुजरात के देवनीमोरी क्षेत्र में उत्खनन के दौरान प्राप्त हुए थे और वर्तमान में वडोदरा स्थित महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के संरक्षण में हैं। यह प्रदर्शनी भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बौद्ध विरासत से जुड़े संबंधों को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी

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