International News: ईरान की अमेरिका और इजरायल को खुली चेतावनी, बोला- हमला हुआ तो एनर्जी ठिकानों और अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाएंगे निशाना
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके खिलाफ नया सैन्य अभियान शुरू किया गया तो वह इजरायल के रणनीतिक ठिकानों और पूरे मध्य पूर्व में अमेरिका के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा।
International News: पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने अमेरिका और इजरायल को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसके खिलाफ कोई नया सैन्य हमला किया गया तो वह इजरायल के महत्वपूर्ण रणनीतिक ठिकानों और पूरे मध्य पूर्व में अमेरिका के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की खबरें चर्चा में हैं।
ईरान ने क्या दी चेतावनी?
ईरान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने तस्नीम न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि पश्चिमी मीडिया में ईरानी ठिकानों पर संभावित हमले की खबरें “एक तरह का पागलपन” हैं। अधिकारी के अनुसार, यदि किसी भी प्रकार का सैन्य उकसावा होता है तो ईरान ने व्यापक जवाबी कार्रवाई की योजना पहले से तैयार कर रखी है।
उनका दावा है कि इन योजनाओं में इजरायल के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाना शामिल है।
‘हम तैयार हैं’—ईरानी अधिकारी का दावा
ईरानी अधिकारी ने कहा कि देश की सेना पिछले संघर्षों के दौरान अपनी क्षमता और जवाबी कार्रवाई की तैयारी साबित कर चुकी है। उनका कहना था कि अगर ईरान पर हमला होता है तो जवाब देने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी।
क्या ट्रंप नए हमले की तैयारी कर रहे हैं?
इस बीच, अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी ठिकानों के खिलाफ संभावित नए सैन्य अभियान की तैयारी के निर्देश दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, यदि ईरान वार्ता की मेज पर वापस नहीं आता है तो अमेरिका कठोर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
हालांकि, इन रिपोर्टों पर आधिकारिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं और स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
पूरे क्षेत्र में बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव बढ़ता है तो इसका असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा। मध्य पूर्व के ऊर्जा प्रतिष्ठान, समुद्री व्यापार मार्ग और वैश्विक तेल बाजार भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील कर रहा है।
ईरान की नई चेतावनी और संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की खबरों ने पश्चिम एशिया में तनाव को फिर बढ़ा दिया है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से तीखी बयानबाजी जारी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि तनाव बातचीत के जरिए कम होता है या क्षेत्र किसी नए सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ता है।



