उप्र कैबिनेट : सरकारी कर्मचारियों को हर वर्ष अपनी अचल संपत्ति की जानकारी देना होगा अनिवार्य
UP Cabinet: Government employees must provide information about their immovable property every year
UP-YOGI-CABINET-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली में संशोधन से लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0, ओटीएस योजना और कानपुर में गंगा नदी पर नए सेतु के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली में संशोधन
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 1956 के नियम-21 और नियम-24 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस बदलाव का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के निवेश और संपत्ति से जुड़े मामलों में अधिक पारदर्शिता लाना है।
संशोधन के अनुसार यदि कोई सरकारी कर्मचारी एक कैलेंडर वर्ष में अपने मूल वेतन के छह महीने से अधिक की राशि स्टॉक, शेयर या अन्य निवेश में लगाता है तो उसे इसकी जानकारी अपने समुचित प्राधिकारी को देनी होगी। वहीं यदि कोई कर्मचारी दो महीने के मूल वेतन से अधिक कीमत की चल संपत्ति खरीदता है तो इसकी सूचना भी संबंधित अधिकारी को देनी होगी। पहले यह सीमा एक महीने के मूल वेतन के बराबर थी।
इसके अलावा अचल संपत्ति की घोषणा से जुड़े नियम में भी बदलाव किया गया है। अब कर्मचारियों को हर पांच साल के बजाय हर वर्ष अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य होगा।
भिक्षावृत्ति प्रतिषेध अधिनियम में संशोधन
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश भिक्षावृत्ति प्रतिषेध अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 7 मई 2025 के आदेश के अनुपालन में लिया गया है।
प्रस्तावित संशोधन के तहत अधिनियम की धारा-21 से कुष्ठ रोग से जुड़े प्रावधानों को हटाया जाएगा। साथ ही इन प्रावधानों को मेंटल हेल्थकेयर एक्ट 2017 के अनुरूप बनाया जाएगा, ताकि कानून आधुनिक स्वास्थ्य और मानवाधिकार मानकों के अनुसार हो सके।
सिखों के आनंद विवाह पंजीकरण के लिए नई नियमावली
कैबिनेट ने सिख समुदाय के विवाह पंजीकरण को आसान बनाने के लिए “उत्तर प्रदेश आनंद विवाह रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 2026” को मंजूरी दे दी है।
इस नियमावली के लागू होने से सिख धर्म में प्रचलित ‘आनंद कारज’ विवाह का पंजीकरण सरल हो जाएगा। यह व्यवस्था आनंद मैरिज एक्ट 1909 (संशोधित 2012) की धारा-6 के तहत राज्य सरकार को प्राप्त अधिकारों के आधार पर लागू की जा रही है।
पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 के लिए नई नीति
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत किफायती आवास (एएचपी) और किफायती किराया आवास (एआरएच) घटकों को लागू करने के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई है।
भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2026 के लिए इन योजनाओं के संचालन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इस योजना के माध्यम से मध्यम और कमजोर आय वर्ग के लोगों को किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने विकास प्राधिकरणों, आवास एवं विकास परिषद तथा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों की संपत्तियों के डिफॉल्टरों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 2026 लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
सरकार के अनुसार विकास प्राधिकरणों से जुड़े करीब 18,982 डिफॉल्टर मामलों में लगभग 11,848.21 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। वहीं मानचित्र स्वीकृति से जुड़े 545 मामलों में करीब 1,482.10 करोड़ रुपये की राशि लंबित है। इन बकाया धनराशियों की वसूली के लिए यह योजना लागू की जाएगी।
कानपुर में गंगा नदी पर बनेगा नया सेतु
कैबिनेट बैठक में कानपुर में ट्रांसगंगा सिटी को शहर से जोड़ने के लिए गंगा नदी पर नए सेतु के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है।
यह परियोजना अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत बनाई जाएगी, जिसकी कुल लागत लगभग 753.13 करोड़ रुपये है। इसमें से 460 करोड़ रुपये मिशन के तहत दिए जाएंगे, जबकि बाकी राशि संबंधित प्राधिकरण अपने संसाधनों से खर्च करेगा। इस परियोजना से कानपुर क्षेत्र में औद्योगिक विकास और यातायात व्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
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