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Pratapgarh News-भाजपा की केन्द्र सरकार आधी आबादी के अधिकार को लेकर कर रही है छल- आराधना मिश्रा मोना

Pratapgarh News-महिला आरक्षण पर विधानसभा के विशेष सत्र में गुरूवार को रामपुरखास की विधायक एवं कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि भाजपा आधी आबादी को उसका अधिकार देने के प्रति कतई गंभीर नही है। उन्होने कहा कि तैंतीस प्रतिशत आरक्षण के नाम पर परिसीमन की आड़ में केन्द्र की मोदी सरकार नारी शक्ति के अधिकारों के साथ छल कर रही है।

कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने सदन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को कांग्रेस के पूर्ण समर्थन के साथ लोकसभा में पारित कराया गया। उन्होने कहा कि यह विधेयक राज्यसभा में सर्वसम्मत पारित हुआ। विधायक मोना ने सदन में सवाल दागा कि जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक पारित हो गया तब सरकार इसे संसद की पांच सौ तैंतालिस मौजूदा संख्या पर प्रभावी बनाने में आखिर क्यूं हिचकिचा रही है। उन्होने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार परिसीमन को लेकर महिला आरक्षण के नाम पर अतार्किक शर्त थोप रही है।

विधायक मोना ने कहा कि सरकार अपनी मंशा साफ करे और वर्तमान पांच सौ तैंतालिस की सदस्य संख्या पर ही पारित हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को अमल में लाये। उन्होने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत सरकार तत्काल तैंतीस प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करे। सीएलपी नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि यह इसलिए आवश्यक है कि 2027 के प्रदेश विधानसभा चुनाव में महिलाएं सशक्त विधायी नेतृत्व कर सकें। कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने भाजपा को कटघरे मे खड़ा करते हुए यह भी सवाल दागा कि वह परिसीमन आयोग के नाम पर आखिर पारित हुए विधेयक को क्यों प्रभावी नही बना रही है।

उन्होने सत्तारूढ़ भाजपा की तरफ यह भी सवाल दागा कि वह बताए कि क्या वह प्रधानमंत्री पद के लिए किसी महिला का नाम घोषित करेगी अथवा वह यह भी बताए कि क्या पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए महिला को वह सामने लायेगी? उन्होने कहा कि महिला आरक्षण का मुददा किसी पार्टी की लड़ाई का मुददा नही है। उन्होने स्पष्ट कहा कि यह आधी आबादी के अधिकार की लड़ाई है। विधायक आराधना मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस आधी आबादी के अधिकार की शुरू से सशक्त पक्षधर रही है। बतौर उदाहरण सदन में विधायक मोना ने कहा कि कांग्रेस ने पार्टी अध्यक्ष के रूप में सरोजनी नायडू, प्रधानमंत्री के पद पर इन्दिरा गांधी और राष्ट्रपति पद पर प्रतिभा पाटिल के साथ यूपी को सुचेता कृपलानी के रूप में पहली महिला मुख्यमंत्री सौंपकर आधी आबादी की राजनीतिक भागीदारी का मार्ग प्रशस्त किया है।

उन्होने कहा कि भाजपा ने तो पहले भी कांग्रेस शासनकाल में लाए गए महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया। उन्होने कहा कि पंचायतों व निकायो मे भाजपा के रोड़े अटकाने के बावजूद कांग्रेस ने तैंतीस प्रतिशत आरक्षण का अधिनियम देश को सौंपा। उन्होने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने हिन्दू कोड बिल, मातृत्व लाभ अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम, समान वेतन अधिनियम, राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम व कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े अधिनियम के जरिए नारी शक्ति को अधिकार सम्पन्न बनाया है। विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि देश के सामने स्पष्ट तस्वीर है कि कांग्रेस ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी की असल शुरूआत करायी।

उन्होने भाजपा पर सदन में कटाक्ष किया कि प्रदेश के सन 2022 के पिछले विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी ने आरक्षण की भीख नहीं मांगी। उन्होने कहा कि प्रियंका गांधी ने यूपी में कांग्रेस से चालीस प्रतिशत महिलाओं को टिकिट प्रदान कर आधी आबादी के अधिकार व मान सम्मान का निडरतापूर्वक शंखनाद किया। विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार का महिला आरक्षण को लेकर न तो नीति सही है और न ही नियत साफ है। उन्होने कहा कि प्रदेश विधानसभा का संक्षिप्त सत्र भी इतने गंभीर मुददे को चर्चा के लिए बुलाना सिर्फ भाजपा का सत्ता में बने रहने का राजनैतिक डाªमा मात्र है।

उन्होने कहा कि वह महिलाओं को अधिकार देने की जगह इस मुददे पर सिर्फ राजनैतिक छलावे के दोहरे मापदण्ड के साथ सत्तालिप्सा के लिए मात्र दिखावा करने में समय गंवा रही है। विधानसभा में कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना के दिये गये वक्तव्य की जानकारी मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने जारी विज्ञप्ति में दी है।

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