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Ajay Devgn: अजय देवगन के जुहू बंगले पर BMC का एक्शन, नोटिस के बाद भी नहीं रुका था निर्माण कार्य

Ajay Devgn: बिना अनुमति आंतरिक बदलाव और निर्माण का आरोप, नगर निगम ने कुछ हिस्सों को तोड़ा; स्पा-सैलून खोलने के लिए पांच साल की लीज पर दी गई थी संपत्ति

Ajay Devgn: बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन का मुंबई के जुहू स्थित बंगला इन दिनों चर्चा में है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने इस संपत्ति में कथित तौर पर बिना आवश्यक अनुमति किए गए निर्माण कार्य के खिलाफ कार्रवाई की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नगर निगम ने पहले काम रोकने का नोटिस जारी किया था, लेकिन निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं होने के बाद बंगले के भीतर किए गए कुछ निर्माण को हटाया गया।

यह मामला केवल निर्माण की अनुमति तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों में बंगले के प्रस्तावित व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय निवासियों ने कथित तौर पर ट्रैफिक, पार्किंग, शोर और सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई हैं। हालांकि, अभिनेता की टीम से जुड़े सूत्रों ने संपत्ति के इस्तेमाल के लिए जरूरी अनुमतियां लिए जाने की बात कही है। इस पूरे मामले पर अजय देवगन की ओर से आधिकारिक बयान सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

BMC ने सितंबर में जारी किया था नोटिस

रिपोर्टों के मुताबिक, अजय देवगन की यह संपत्ति जुहू की कपोलो कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में स्थित है। आरोप है कि बंगले में आंतरिक बदलाव, विभाजन दीवारें बनाने, खिड़कियों और अन्य निर्माण कार्यों के लिए जरूरी अनुमतियां नहीं ली गई थीं।

इसी मामले में BMC के के-वेस्ट विभाग ने 10 सितंबर 2026 को मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 354A के तहत नोटिस जारी किया था। नोटिस में निर्माण कार्य तत्काल रोकने और संबंधित दस्तावेजों तथा आवश्यक अनुमतियों को प्रस्तुत करने का निर्देश दिए जाने की बात कही गई है।

हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार नोटिस जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य नहीं रुका। इसके बाद नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए बंगले के भीतर किए गए कुछ निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

जवाब देने के लिए मांगा गया था समय

नगर निगम के अधिकारियों के हवाले से आई खबरों में कहा गया है कि अभिनेता की ओर से नोटिस का जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा गया था। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित समय में जवाब नहीं मिला। इसके बाद BMC ने आगे की कार्रवाई की।

इस मामले में निर्माण कार्य की प्रकृति, आवश्यक अनुमतियों और नोटिस के अनुपालन से जुड़े सवाल अहम हैं। हालांकि, कार्रवाई के संबंध में सामने आई जानकारी मीडिया रिपोर्टों और अधिकारियों के कथित बयानों पर आधारित है। संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और नगर निगम के दस्तावेजों से पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

बंगले के व्यावसायिक इस्तेमाल पर भी उठे सवाल

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जुहू इलाके के कुछ स्थानीय निवासियों ने बंगले को किराये पर दिए जाने और वहां व्यावसायिक गतिविधियां शुरू किए जाने को लेकर आपत्ति जताई है। उनकी चिंताओं में इलाके में वाहनों की आवाजाही बढ़ने, पार्किंग की कमी, सुरक्षा और शोर-शराबे जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं।

रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि विवाद का एक प्रमुख पहलू संपत्ति का व्यावसायिक इस्तेमाल है। स्थानीय निवासियों को आशंका है कि वहां स्पा और सैलून शुरू होने से आसपास के रिहायशी क्षेत्र पर असर पड़ सकता है।

दूसरी ओर, अजय देवगन की टीम के करीबी सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि संपत्ति के प्रस्तावित इस्तेमाल के लिए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक अनुमतियां ली गई हैं। ऐसे में व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़ी अनुमति और निर्माण कार्य की मंजूरी के मुद्दों को अलग-अलग समझना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर इन सभी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

स्पा और सैलून के लिए दी गई थी पांच साल की लीज

खबरों के अनुसार, अजय देवगन के जुहू स्थित बंगले को स्पा और सैलून शुरू करने के उद्देश्य से फ्लोरियन हुरेल सैलून प्राइवेट लिमिटेड को पांच साल के लिए लीज पर दिया गया है। इस अनुबंध का कुल मूल्य 10.61 करोड़ रुपये बताया गया है।

बताया जा रहा है कि प्रस्तावित व्यावसायिक गतिविधियों के लिए बंगले के भीतर आंतरिक निर्माण और बदलाव किए जा रहे थे। इसी दौरान जरूरी अनुमतियों को लेकर विवाद सामने आया और BMC ने काम रोकने का नोटिस जारी किया।

इस मामले में मुख्य सवाल यह है कि संपत्ति के व्यावसायिक उपयोग और आंतरिक निर्माण के लिए कौन-कौन सी अनुमतियां जरूरी थीं और क्या संबंधित दस्तावेज नगर निगम के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे। इस संबंध में आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

अजय देवगन की फिल्मों को लेकर भी चर्चा

कामकाज की बात करें तो अजय देवगन अपनी आगामी फिल्म ‘दृश्यम 3’ को लेकर भी चर्चा में हैं। हालांकि, फिल्म की रिलीज और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। बंगले से जुड़ा नगर निगम का मामला अभिनेता की फिल्मों से अलग है और दोनों विषयों को अलग-अलग देखना चाहिए।

फिलहाल जुहू स्थित संपत्ति पर BMC की कार्रवाई और उसके व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर उठे सवाल चर्चा में हैं। मामले में अभिनेता की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया तथा नगर निगम के दस्तावेज सामने आने के बाद ही सभी पहलुओं की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

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