Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा केस में बड़ा अपडेट! सास गिरिबाला सिंह की जमानत पर सुनवाई 27 मई तक टली
जबलपुर हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह से मांगा जवाब, सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच तेज करने और मीडिया ट्रायल से बचने के दिए निर्देश
Twisha Sharma Death Case: मॉडल और एक्ट्रेस Twisha Sharma की मौत मामले में सोमवार को जबलपुर हाई कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। कोर्ट ने ट्विशा की सास Giribala Singh की अग्रिम जमानत रद्द करने संबंधी याचिका पर सुनवाई फिलहाल 27 मई 2026 तक के लिए टाल दी है। इससे गिरिबाला सिंह को फिलहाल दो दिन की राहत मिल गई है।
मामले में ट्विशा के पति Samarth Singh पहले से ही पुलिस रिमांड पर हैं। वहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने सास को मिली अग्रिम जमानत को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हाई कोर्ट में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से एक ही दिन में जमानत दी गई, उसी तरह सरकार की आपत्तियों पर भी त्वरित सुनवाई होनी चाहिए।
कोर्ट ने गिरिबाला सिंह को ट्विशा के माता-पिता द्वारा दाखिल अतिरिक्त तर्कों पर जवाब देने के लिए समय दिया और अगली सुनवाई की तारीख 27 मई तय की।
सुप्रीम कोर्ट में भी हुई अहम सुनवाई
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। चीफ जस्टिस Surya Kant की अध्यक्षता वाली बेंच ने ट्विशा शर्मा की मौत को “दुर्भाग्यपूर्ण और अप्राकृतिक” बताया।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं और मामले की जांच प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि “ट्विशा अपने ससुराल में नहीं, बल्कि नर्क में जी रही थी।”
सुप्रीम कोर्ट ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच जल्द शुरू करने के लिए Central Bureau of Investigation (CBI) को निर्देश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने दोनों पक्षों को मीडिया में बयानबाजी से बचने की सलाह दी।
कोर्ट ने कहा कि सभी पक्ष अपने बयान सार्वजनिक मंचों के बजाय जांच एजेंसियों के सामने रखें, ताकि जांच प्रभावित न हो। साथ ही मीडिया से भी संभावित गवाहों के बयान प्रसारित करने से बचने की अपील की गई है।
मामला क्यों बना राष्ट्रीय चर्चा का विषय?
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और कानूनी गलियारों तक इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि जांच एजेंसियां अब पूरे मामले की हर एंगल से पड़ताल कर रही हैं।00



