NASSCOM Disha Program Sri Lanka: भारत की पहल से श्रीलंका के टेक स्टार्टअप्स को मिलेगी नई उड़ान, NASSCOM का ‘दिशा’ मेंटरशिप प्रोग्राम लॉन्च

श्रीलंका भारत के बाहर पहला देश बना जहां NASSCOM का 'दिशा' टेक एसएमई मेंटरशिप प्रोग्राम शुरू हुआ, 48 कंपनियों का हुआ चयन।

NASSCOM Disha Program Sri Lanka: भारत और श्रीलंका के बीच डिजिटल और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देते हुए कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने NASSCOM के टेक एसएमई मेंटरशिप प्रोग्राम ‘दिशा’ का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस पहल के साथ श्रीलंका भारत के बाहर पहला देश बन गया है, जहां यह कार्यक्रम शुरू किया गया है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य श्रीलंका के उभरते हुए लघु एवं मध्यम तकनीकी उद्यमों (Tech SMEs) को रणनीतिक मार्गदर्शन, व्यवसायिक सलाह और संगठनात्मक विकास के लिए विशेषज्ञों की मेंटरशिप उपलब्ध कराना है। ‘दिशा’ कार्यक्रम के जरिए भारतीय आईटी उद्योग के अनुभवी विशेषज्ञ चयनित कंपनियों को अपने अनुभव और ज्ञान का लाभ देंगे।

48 श्रीलंकाई टेक कंपनियों का चयन

कार्यक्रम के पहले चरण में श्रीलंका की 48 टेक एसएमई कंपनियों को चुना गया है। इन कंपनियों को व्यवसाय विस्तार, प्रबंधन, नवाचार, वैश्विक बाजार तक पहुंच और तकनीकी विकास जैसे क्षेत्रों में भारतीय उद्योग जगत के अनुभवी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा।

भारत-श्रीलंका साझेदारी पर जोर

कार्यक्रम की शुरुआत NASSCOM के अध्यक्ष राजेश नाम्बियार के संबोधन से हुई। उन्होंने भारत और श्रीलंका के बीच तकनीकी सहयोग को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग में आयोजित कार्यक्रम में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने कहा कि दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और श्रीलंका के उद्योग जगत की सकारात्मक भागीदारी इस सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

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वहीं, श्रीलंका के डिजिटल इकोनॉमी के उपमंत्री एरंगा वीरा रत्ने ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार इस प्रकार की साझेदारियों को पूरा समर्थन देती रहेगी, जिससे देश के तकनीकी उद्यमों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।

एआई और टेक्नोलॉजी पर हुई चर्चा

कार्यक्रम के दौरान टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भारत-श्रीलंका साझेदारी पर एक विशेष पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इसमें दोनों देशों के कई प्रमुख स्टार्टअप संस्थापकों और टेक कंपनियों के सीईओ ने भाग लिया और भविष्य के सहयोग की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।

‘पड़ोसी प्रथम’ नीति को मिला बल

भारतीय आईटी उद्योग के शीर्ष संगठन NASSCOM के नेतृत्व में भारतीय टेक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 15-16 जुलाई 2026 को कोलंबो दौरे पर भी रहा। यह पहल भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ (Neighbourhood First) नीति के तहत क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ‘दिशा’ कार्यक्रम श्रीलंका के आईटी इकोसिस्टम को नई गति देगा और दोनों देशों के बीच तकनीकी एवं डिजिटल सहयोग को और मजबूत बनाएगा।

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