प्रह्लाद जोशी कौन हैं? धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संभाली शिक्षा मंत्रालय की कमान
कर्नाटक से छह बार के सांसद और मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जानिए उनकी शिक्षा, राजनीतिक सफर और अब तक की प्रमुख जिम्मेदारियां।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया। यह फैसला ऐसे समय में आया जब जोशी कर्नाटक के अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर थे और उन्हें तत्काल दिल्ली बुलाया गया।
कौन हैं प्रह्लाद जोशी?
64 वर्षीय प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। उनका जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक में हुआ। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा हुबली में पूरी की और इसके बाद कर्नाटक विश्वविद्यालय से संबद्ध केएस आर्ट्स कॉलेज से बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए) की डिग्री प्राप्त की।
राजनीति में आने से पहले ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और छात्र संगठनों से जुड़े रहे। संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद उन्होंने भाजपा में अपनी मजबूत पहचान बनाई।
धारवाड़ से लगातार सांसद
प्रह्लाद जोशी पहली बार वर्ष 2004 में कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। इसके बाद से वे लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। संगठनात्मक क्षमता और संसदीय अनुभव के चलते वे भाजपा के भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं।
मोदी सरकार में संभाले कई अहम मंत्रालय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में प्रह्लाद जोशी ने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली है। वर्ष 2019 से 2024 के बीच वे संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री रहे। इसके बाद उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया। अब शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी उनके पास आ गई है।
कैसे मिली शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार ने बिना किसी देरी के प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। जानकारी के अनुसार, उस समय वे कर्नाटक में अपने संसदीय क्षेत्र के कार्यक्रम में मौजूद थे। दिल्ली से तत्काल बुलावा आने के बाद वे उसी शाम राजधानी पहुंचे और नई जिम्मेदारी संभाल ली।
नई जिम्मेदारी मिलने पर प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वह इसे कर्तव्य और विनम्रता की भावना के साथ स्वीकार करते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वे पूरी निष्ठा के साथ शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
नई जिम्मेदारी, बड़ी चुनौती
प्रह्लाद जोशी ऐसे समय में शिक्षा मंत्रालय की कमान संभाल रहे हैं, जब देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, पेपर लीक और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दे राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बने हुए हैं। ऐसे में उनके सामने परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करना, शिक्षा व्यवस्था में सुधार को गति देना और छात्रों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना बड़ी चुनौती होगी।



