International News: ‘बांग्लादेश दूसरा पाकिस्तान बन चुका है’, शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय का बड़ा दावा; भारत को दी सुरक्षा चेतावनी
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में साजीब वाजेद जॉय ने भारत की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता, वहीं शेख हसीना ने 2024 के सत्ता परिवर्तन को बताया सुनियोजित साजिश।
International News: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे और उनके पूर्व सलाहकार साजीब वाजेद जॉय ने भारत की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश अब भारत के लिए “दूसरा पाकिस्तान” बनता जा रहा है। उनके अनुसार, यदि मौजूदा हालात पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में आतंकवाद की चुनौती और बढ़ सकती है।
ISI की गतिविधियों पर जताई चिंता
फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCC) में शेख हसीना के वर्चुअल संबोधन से पहले साजीब वाजेद जॉय ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में विदेशी खुफिया एजेंसियों, विशेष रूप से ISI, को खुली छूट मिली हुई है। उन्होंने कहा कि भारत को अपने पूर्वी मोर्चे की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है और इस स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए।
दो साल बाद शेख हसीना का पहला सार्वजनिक संबोधन
सत्ता से हटने के लगभग दो वर्ष बाद शेख हसीना ने 5 अगस्त 2026 को पहली बार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने जुलाई-अगस्त 2024 के घटनाक्रम को याद करते हुए कहा कि शुरुआती छात्र प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और उनकी सरकार बातचीत के लिए तैयार थी। हालांकि, उनके अनुसार बाद में कुछ संगठित समूहों ने आंदोलन का इस्तेमाल हिंसा फैलाने के लिए किया।
2024 के सत्ता परिवर्तन पर क्या बोलीं शेख हसीना?
शेख हसीना ने दावा किया कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन एक सुनियोजित प्रक्रिया थी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन को योजनाबद्ध तरीके से दिशा दी गई और इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर जाकर सत्ता परिवर्तन करना था। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे पर्दे के पीछे से निर्देश दिए जा रहे थे।
दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का किया ऐलान
अपने संबोधन में शेख हसीना ने कहा कि उनकी हत्या की कई बार कोशिश की गई, लेकिन इसके बावजूद वह इस वर्ष दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में बांग्लादेश के लोगों ने भय और अस्थिरता का सामना किया है और वह अपने देश के लोगों के बीच लौटना चाहती हैं, चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी जोखिम का सामना करना पड़े।
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कैमरा बंद रखकर दिया संबोधन
सुरक्षा कारणों से शेख हसीना ने अपना पूरा वर्चुअल संबोधन कैमरा बंद रखकर दिया। लगभग 25 मिनट के भाषण में उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार उन्हें झूठे मुकदमों या कड़ी सजा की धमकियों से नहीं डरा सकती।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि 5 अगस्त 2024 को बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलन और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया था और बांग्लादेश से भारत आ गई थीं। अब दो साल बाद उनके और उनके बेटे के बयानों ने बांग्लादेश की राजनीति, क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।



