RG Kar Case CBI investigation: RG Kar Case में नया मोड़! नई CBI टीम, परिवार की बढ़ी उम्मीद और ‘अभया मेमोरियल ट्रस्ट’ की एंट्री
आरजी कर मामले में पीड़िता के पिता ने दावा किया है कि CBI ने नई जांच टीम बनाई है। परिवार ने ‘अभया मेमोरियल ट्रस्ट’ के जरिए न्याय की लड़ाई आगे बढ़ाने की बात कही है।
RG Kar Case CBI investigation: कोलकाता के चर्चित आरजी कर मामले में न्याय की मांग एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है। मामले की पीड़िता के परिवार की ओर से जांच और न्याय की प्रक्रिया को लेकर ताजा बयान सामने आया है। पीड़िता के पिता शेखर देबनाथ ने दावा किया है कि अब न्याय की कोशिश केवल परिवार की तरफ से नहीं, बल्कि राज्य सरकार की ओर से भी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने मामले की जांच के लिए नई टीम गठित की है, जिसके बाद परिवार को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ेगी।
शेखर देबनाथ के मुताबिक, पहले न्याय के लिए परिवार को अकेले संघर्ष करना पड़ रहा था, लेकिन अब परिस्थितियों में बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार की ओर से परिवार को सहयोग मिल रहा है। साथ ही CBI की नई टीम मामले से जुड़ी जानकारियां जुटाने और पुराने तथ्यों की समीक्षा करने में लगी हुई है। परिवार को उम्मीद है कि जांच की नई प्रक्रिया से मामले में आगे की स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो सकेगी।
पीड़िता के पिता ने बताया कि CBI ने जांच के लिए पुरानी टीम को बदलकर नई टीम बनाई है। हालांकि, इस बदलाव को लेकर एजेंसी की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। परिवार की ओर से इसे न्याय की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। शेखर देबनाथ का कहना है कि उनकी ओर से न्याय के लिए दबाव बनाए रखने की कोशिश लगातार जारी रहेगी।
इस मामले में ‘अभया मेमोरियल ट्रस्ट’ भी परिवार की आगे की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया जा रहा है। पीड़िता के पिता के अनुसार, ट्रस्ट के उद्घाटन के दौरान भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ट्रस्ट का उद्घाटन करने पहुंचेंगे। ट्रस्ट के जरिए पीड़िता की स्मृति को बनाए रखने के साथ न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने की योजना बताई गई है।
आरजी कर मामले को लेकर पीड़िता के परिवार ने पूर्ववर्ती राज्य सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शेखर देबनाथ ने आरोप लगाया कि तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार ने मामले को दबाने की कोशिश की। हालांकि, ये आरोप परिवार की ओर से लगाए गए हैं और इन पर संबंधित पक्षों का अपना पक्ष भी सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने इन आरोपों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश बताते हुए कहा कि ममता बनर्जी की पुलिस ने मामले में आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया था। बाद में अदालत के निर्देश के बाद जांच CBI को सौंपे जाने की बात भी उन्होंने कही।
पीड़िता की मां ने भी मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि बेटी को वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन दोषियों को सजा मिलना जरूरी है। उनके मुताबिक, उन्हें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।
पीड़िता की मां ने कुछ लोगों पर सबूतों को नष्ट करने से जुड़े आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकलेगा।
दूसरी ओर, TMC विधायक कुणाल घोष ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने शुरुआती स्तर पर कार्रवाई की थी और आरोपी की गिरफ्तारी भी की गई थी। उनका कहना है कि बाद में CBI जांच के दौरान ट्रायल कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक प्रक्रिया के तहत मामले की निगरानी हुई। उन्होंने विपक्ष पर इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप भी लगाया।
फिलहाल आरजी कर मामले में नई CBI टीम, परिवार की लगातार न्याय की मांग और ‘अभया मेमोरियल ट्रस्ट’ के गठन ने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई जांच टीम की कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है और परिवार को न्याय कब तक मिलता है। परिवार की उम्मीद है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे ठोस कार्रवाई होगी।



