IT Rules 2026 : ‘सोशल मीडिया कंपनियों को बड़ा झटका’, अब 36 घंटे नहीं, सिर्फ 3 घंटे में हटाना होगा गैरकानूनी कंटेंट

IT Rules 2026 : केंद्र सरकार ने IT Rules में बड़ा बदलाव करते हुए सोशल मीडिया कंपनियों के लिए गैरकानूनी कंटेंट हटाने की समय-सीमा 36 घंटे से घटाकर 3 घंटे कर दी है। AI और डीपफेक कंटेंट पर भी नए नियम लागू होंगे।

IT Rules 2026 : केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल इंटरमीडियरी के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने आईटी नियमों (IT Rules) में संशोधन करते हुए गैरकानूनी (Unlawful) कंटेंट हटाने की समय-सीमा 36 घंटे से घटाकर सिर्फ 3 घंटे कर दी है।

नए नियमों के अनुसार, सरकार या किसी सक्षम न्यायालय से वैध नोटिस मिलने के बाद सोशल मीडिया कंपनियों को तीन घंटे के भीतर संबंधित गैरकानूनी सामग्री हटानी होगी।

AI और डीपफेक कंटेंट पर भी नए नियम

सरकार ने बढ़ते डीपफेक (Deepfake) और AI-जनित (AI Generated) कंटेंट पर भी कड़ा रुख अपनाया है। संशोधित नियमों के तहत सभी डिजिटल इंटरमीडियरी को AI से तैयार किए गए कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना होगा, ताकि उपयोगकर्ता आसानी से पहचान सकें कि सामग्री वास्तविक है या कृत्रिम रूप से बनाई गई है।

इसके साथ ही ऐसे कंटेंट में ट्रेसेबल मेटाडेटा (Traceable Metadata) भी सुनिश्चित करना होगा, जिससे जरूरत पड़ने पर उसकी उत्पत्ति और स्रोत की पहचान की जा सके।

फर्जी और भ्रामक सामग्री पर लगेगी रोक

सरकार का कहना है कि इन संशोधनों का उद्देश्य सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे फर्जी वीडियो, डीपफेक, भ्रामक सूचनाओं और AI के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। नए प्रावधानों से उपयोगकर्ताओं को सिंथेटिक कंटेंट की पहचान करने में आसानी होगी और धोखाधड़ी या भ्रम फैलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

फरवरी में किए गए थे नियमों में संशोधन

यह प्रावधान फरवरी 2026 में संशोधित आईटी नियमों का हिस्सा हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी इंटरमीडियरी को नए नियमों का पालन करना होगा और AI-जनित सामग्री के लिए आवश्यक तकनीकी और पारदर्शिता संबंधी मानकों को लागू करना होगा।

क्या बदला?

  • गैरकानूनी कंटेंट हटाने की समय-सीमा 36 घंटे से घटकर 3 घंटे।
  • सरकार या अदालत के वैध आदेश पर तत्काल कार्रवाई अनिवार्य।
  • AI-जनित और डीपफेक कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना होगा।
  • AI कंटेंट के लिए ट्रेसेबल मेटाडेटा सुनिश्चित करना होगा।
  • नियमों का उद्देश्य फर्जी, भ्रामक और धोखाधड़ी वाले डिजिटल कंटेंट पर रोक लगाना है।

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