JPSC-JSSC Protest: हेमंत सोरेन छात्रों से करेंगे बातचीत, 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तैयार
परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन तेज, सरकार ने पारदर्शी सुधार का दिया भरोसा
JPSC-JSSC Protest: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में बड़ी संख्या में जुटे छात्रों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को पहुंचकर उनसे मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने छात्रों की समस्याएं सुनीं और कहा कि सरकार बातचीत के जरिए इस गतिरोध का समाधान निकालने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं और उनकी मांगों को गंभीरता से समझ रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भर्ती परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और मौजूदा खामियों को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की मांगों को केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर उनकी चिंताओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
परीक्षा परिणाम को लेकर उठ रहे सवाल
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में JPSC प्रारंभिक परीक्षा और JSSC CGL से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच शामिल है। विरोध प्रदर्शन में शामिल जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने भी परीक्षा प्रक्रिया और परिणामों पर सवाल उठाए हैं।
जयराम महतो ने आरोप लगाया कि JPSC प्रारंभिक परीक्षा से जुड़े एक संदिग्ध मामले में सामने आया व्यक्ति JSSC CGL परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल करने में सफल रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि संबंधित व्यक्ति के परिवार के कई अन्य सदस्यों ने भी परीक्षा पास की है। विधायक ने पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए परीक्षार्थियों के पुराने रिकॉर्ड और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी की भूमिका की जांच की बात कही है।
वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल
सरकार के साथ बातचीत के लिए आंदोलनकारी छात्रों की ओर से 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तैयार किया गया है। ‘JPSC-JSSC सुधार मंच’ के मुताबिक इस प्रतिनिधिमंडल में छात्र प्रतिनिधियों के अलावा एक वकील और दो तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
छात्र प्रतिनिधिमंडल में पीयूष कुमार सिंह, रवींद्र पासवान, राजेश प्रसाद, अंकित कुमार, कार्तिक सोरेन, आनंद कुमार, नीतू कुजूर और शालू सिंह के नाम शामिल हैं। इसके अलावा कानूनी मामलों को समझने के लिए एक वकील और परीक्षा प्रक्रिया तथा डिजिटल पारदर्शिता से जुड़े तकनीकी पहलुओं को देखने के लिए दो विशेषज्ञ प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।
छात्र संगठनों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल की पूरी सूची और वार्ता से जुड़ी आगे की रणनीति को लेकर आधिकारिक जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए साझा की जाएगी।
फिलहाल मुख्यमंत्री की ओर से बातचीत के लिए सहमति मिलने के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों और सरकार के बीच संवाद का रास्ता खुलता नजर आ रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रस्तावित वार्ता में छात्रों की मांगों पर सरकार क्या फैसला लेती है और JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को खत्म करने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।



