PV Sindhu-Virat Kohli Bonding: ‘वह मेरे भाई जैसे हैं’, पीवी सिंधु ने बताया विराट की सलाह ने कैसे बदला नजरिया

पीवी सिंधु ने विराट कोहली के साथ अपनी खास बॉन्डिंग का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि करियर के मुश्किल दौर में विराट की एक सलाह ने उनका नजरिया बदल दिया और वह उन्हें अपने भाई जैसा मानती हैं।

PV Sindhu And Virat Kohli: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली के साथ अपने खास रिश्ते को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा की हैं। सिंधु ने बताया कि विराट कोहली उनके लिए सिर्फ भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे नहीं हैं, बल्कि वह उन्हें अपने भाई जैसा मानती हैं। करियर के मुश्किल दौर में विराट ने उन्हें एक ऐसी सलाह दी थी, जिसने सिंधु के खेल और सोचने के तरीके पर गहरा असर डाला। सिंधु ने यह भी बताया कि जब भी वह कोई बड़ी उपलब्धि हासिल करती हैं तो उसकी खुशी विराट के साथ साझा करना उन्हें अच्छा लगता है।

पीवी सिंधु ने RCB पॉडकास्ट के एक हालिया एपिसोड में विराट कोहली के साथ अपनी बॉन्डिंग पर खुलकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि खेल की दुनिया में दोनों अलग-अलग क्षेत्रों से आते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके बीच अच्छी समझ और आपसी सम्मान है। सिंधु ने विराट के व्यक्तित्व, उनके खेल के प्रति नजरिए और मुश्किल परिस्थितियों में खुद को संभालने की क्षमता की जमकर तारीफ की।

सिंधु ने अपने करियर के उस दौर को भी याद किया, जब वह काफी मुश्किल स्थिति से गुजर रही थीं। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें लग रहा था कि चीजें उनके मुताबिक नहीं हो रही हैं और लगातार प्रयास के बावजूद उन्हें मनचाहा परिणाम नहीं मिल रहा था। ऐसे समय में उनकी विराट कोहली से मुलाकात हुई और उन्होंने अपने मन की बात विराट के साथ साझा की।

विराट ने सिंधु की बात सुनने के बाद उन्हें बहुत सरल लेकिन बेहद प्रभावी सलाह दी। उन्होंने कहा कि जब भी वह मैदान पर उतरें तो सिर्फ अपना खेल खेलें। सिंधु के मुताबिक, विराट ने उन्हें समझाया कि उन्होंने जो मेहनत की है, जिस तरह ट्रेनिंग की है और अपने खेल पर जितना काम किया है, उस पर उन्हें भरोसा रखना चाहिए। मैदान पर उतरने के बाद उन्हें इस बात की ज्यादा चिंता नहीं करनी चाहिए कि बाहर लोग उनके प्रदर्शन को किस नजर से देख रहे हैं।

पीवी सिंधु ने बताया कि विराट की यह बात उनके लिए काफी मायने रखती थी। उन्होंने कहा कि उस बातचीत के बाद उन्हें महसूस हुआ कि खिलाड़ी के लिए अपनी क्षमता और तैयारी पर विश्वास रखना कितना जरूरी है। परिणाम के बारे में जरूरत से ज्यादा सोचने के बजाय खेल पर ध्यान देना चाहिए। सिंधु के अनुसार, विराट की इस सलाह ने उनके नजरिए में बड़ा बदलाव किया और उन्हें मानसिक रूप से भी मजबूत होने में मदद मिली।

विराट कोहली के साथ अपने रिश्ते को लेकर सिंधु ने कहा कि वह उन्हें अपने भाई की तरह मानती हैं। उन्होंने बताया कि जब वह अपने करियर के कठिन दौर में थीं, तब विराट ने उन्हें जिस तरह प्रोत्साहित किया, उससे उनके मन में उनके लिए सम्मान और बढ़ गया। सिंधु के लिए विराट ऐसे व्यक्ति हैं, जिनसे वह अपने खेल से जुड़ी बातें खुलकर कर सकती हैं और जरूरत पड़ने पर उनसे सलाह भी ले सकती हैं।

सिंधु ने यह भी बताया कि उनकी और विराट की बातचीत केवल मुश्किल समय तक सीमित नहीं है। जब भी वह कोई बड़ी जीत हासिल करती हैं या कोई खास उपलब्धि अपने नाम करती हैं, तो वह अपनी खुशी विराट के साथ साझा करती हैं। सिंधु ने कहा कि ऐसे व्यक्ति के साथ अपनी सफलता साझा करना अच्छा लगता है, जिसने खुद खेल की दुनिया में इतने बड़े मुकाम हासिल किए हों।

विराट कोहली की सोच और उनकी तैयारी के तरीके से भी पीवी सिंधु काफी प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि विराट मैदान पर उतरने से पहले किस तरह मानसिक रूप से तैयार होते हैं, अपने खेल को लेकर किस तरह सोचते हैं और दबाव की परिस्थितियों में किस तरह प्रदर्शन करते हैं, यह उनके लिए सीखने वाली बात है। सिंधु ने विराट के व्यक्तित्व और मैदान पर उनके आत्मविश्वास की भी तारीफ की।

दोनों खिलाड़ियों की अपनी-अपनी खेल यात्रा बेहद शानदार रही है। पीवी सिंधु ने बैडमिंटन में भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। उन्होंने ओलंपिक में पदक जीतकर भारतीय खेल इतिहास में अपनी खास जगह बनाई। वहीं विराट कोहली ने क्रिकेट के मैदान पर लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया के सबसे चर्चित बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई है।

हालांकि बैडमिंटन और क्रिकेट पूरी तरह अलग खेल हैं, लेकिन दोनों खिलाड़ियों के बीच एक समानता जरूर है। दोनों ने अपने करियर में बेहद कम उम्र से ही बड़े लक्ष्य तय किए और लगातार मेहनत करके उन्हें हासिल करने की कोशिश की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के कारण दोनों ने दबाव और उम्मीदों को करीब से महसूस किया है। यही वजह है कि एक-दूसरे के अनुभव और सोच को समझना उनके लिए आसान भी है।

सिंधु की कहानी यह भी बताती है कि बड़े से बड़ा खिलाड़ी भी अपने करियर में ऐसे दौर से गुजर सकता है, जब आत्मविश्वास डगमगाने लगता है। ऐसे समय में किसी भरोसेमंद और अनुभवी खिलाड़ी की छोटी सी सलाह भी बहुत बड़ा बदलाव ला सकती है। विराट की सलाह ने सिंधु को यही समझाया कि परिणाम के दबाव से ज्यादा जरूरी अपनी तैयारी और खेल पर भरोसा करना है।

पीवी सिंधु ने विराट कोहली की उपलब्धियों को लेकर भी काफी सम्मान जाहिर किया। उन्होंने कहा कि विराट ने अपने करियर में जो हासिल किया है, वह बेहद शानदार है। उनके खेल के प्रति समर्पण, अनुशासन और मैदान पर उनकी मानसिकता से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। सिंधु के लिए विराट की यही खूबियां उन्हें एक खास खिलाड़ी बनाती हैं।

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दोनों की बॉन्डिंग का एक और खास पहलू यह है कि वे एक-दूसरे की उपलब्धियों का सम्मान करते हैं। सिंधु जब बैडमिंटन कोर्ट पर कोई बड़ी सफलता हासिल करती हैं तो वह उसे विराट के साथ साझा करती हैं। वहीं विराट भी भारतीय खेल जगत के दूसरे बड़े खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते रहे हैं। यही आपसी सम्मान दोनों के रिश्ते को और खास बनाता है।

फैंस के लिए भी पीवी सिंधु और विराट कोहली की यह दोस्ती काफी दिलचस्प है। दोनों अपने-अपने खेल के सुपरस्टार हैं और करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा हैं। एक तरफ सिंधु ने बैडमिंटन में भारत को गौरवान्वित किया है, तो दूसरी तरफ विराट ने क्रिकेट में अपनी मेहनत और प्रदर्शन से एक अलग मुकाम हासिल किया है।

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पीवी सिंधु की बातों से साफ है कि विराट कोहली उनके लिए सिर्फ एक सफल क्रिकेटर नहीं हैं। वह उन्हें एक ऐसे करीबी व्यक्ति के तौर पर देखती हैं, जिन्होंने उनके मुश्किल समय में उनका हौसला बढ़ाया। विराट की एक साधारण सी सलाह ने सिंधु को यह भरोसा दिलाया कि मैदान पर सबसे जरूरी अपनी मेहनत और क्षमता पर विश्वास करना है।

यही वजह है कि सिंधु आज भी विराट की उस सलाह को याद करती हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि खेल में सफलता केवल शारीरिक क्षमता से नहीं मिलती, बल्कि मानसिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी होती है। सही समय पर मिली सही सलाह किसी खिलाड़ी की सोच और प्रदर्शन दोनों को बदल सकती है। पीवी सिंधु और विराट कोहली की दोस्ती इसी आपसी सम्मान, प्रेरणा और भरोसे की खूबसूरत मिसाल है।

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