JPSC Protest: ऑक्सीजन सपोर्ट पर देवेंद्र नाथ महतो, अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी
Ranchi JPSC Protest में बिगड़ी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत, ब्लड शुगर गिरने के बाद अस्पताल में भर्ती
JPSC Protest: झारखंड में JPSC और JSSC समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची में आंदोलन के 18वें दिन सोमवार को छात्रों ने विधानसभा घेराव और मार्च किया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर टकराव हुआ। प्रदर्शन के दौरान छात्र आंदोलन के नेता और JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है और उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया गया।
बताया जा रहा है कि देवेंद्र नाथ महतो पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। JPSC, JSSC और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर वह छात्रों के साथ आंदोलन कर रहे हैं। लंबे समय से चल रही भूख हड़ताल का असर उनकी सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद डॉक्टरों ने उनके ब्लड शुगर लेवल में काफी गिरावट की बात कही। हालत बिगड़ने के बाद उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया और लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।
देवेंद्र नाथ महतो पहले आमरण अनशन पर बैठे थे। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समझाने के बाद उन्होंने पानी पीना स्वीकार किया था। इसके बावजूद लंबे समय तक भोजन नहीं करने के कारण उनकी तबीयत लगातार कमजोर होती गई। सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान जब प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ा तो कई छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई। छात्रों के घायल होने की सूचना मिलने के बाद देवेंद्र नाथ महतो भी एंबुलेंस से विधानसभा परिसर के पास पहुंचे और आंदोलन में शामिल हो गए। इसके कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
विधानसभा के गेट नंबर एक के पास प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस दौरान लाठीचार्ज की बात सामने आई, जिसमें कुछ छात्र और पुलिसकर्मी घायल बताए गए। प्रदर्शनकारियों की ओर से आरोप लगाया गया कि पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया। हालांकि देवेंद्र नाथ महतो पर लाठीचार्ज किए जाने की बात की प्रशासन की ओर से पुष्टि नहीं की गई है। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।
मंगलवार को झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने देवेंद्र नाथ महतो और आंदोलन के दौरान घायल हुए दूसरे छात्रों का हाल जाना। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में डॉक्टरों से भी उनकी स्थिति की जानकारी ली। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो की हालत में कुछ सुधार आया है, लेकिन उन्हें अभी भी निगरानी में रखा गया है। उनका ब्लड शुगर लेवल गिरने के कारण डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इस बीच छात्रों के आंदोलन को लेकर झारखंड में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में बीजेपी ने मंगलवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया। बीजेपी का आरोप है कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया। पार्टी ने छात्रों के समर्थन में बंद का आह्वान करते हुए सरकार पर निशाना साधा।
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हालांकि आंदोलन कर रहे छात्रों ने यह स्पष्ट किया है कि उनका किसी राजनीतिक दल से सीधा संबंध नहीं है। छात्र नेता पीयूष ने कहा कि छात्र अपने मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थन या विरोध करना नहीं है। उनके मुताबिक अगर कोई राजनीतिक दल छात्रों की मांगों के समर्थन में बंद का आह्वान करता है तो उसका स्वागत किया जाएगा, लेकिन आंदोलन का मूल मुद्दा छात्रों की मांगों से जुड़ा हुआ है।
छात्र नेताओं का कहना है कि JPSC और JSSC समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं ने युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। लंबे समय से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की जा रही है। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर उन युवाओं पर पड़ता है, जो वर्षों तक मेहनत करके सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं।
रांची में जारी यह आंदोलन अब केवल परीक्षा संबंधी मांगों तक सीमित नहीं रह गया है। देवेंद्र नाथ महतो की बिगड़ती तबीयत, विधानसभा घेराव के दौरान हुए टकराव और बीजेपी के बंद के ऐलान के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गर्म हो गया है। फिलहाल छात्रों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और उनकी मांगों पर होने वाले फैसले पर है। वहीं देवेंद्र नाथ महतो की सेहत को लेकर भी आंदोलनकारियों और उनके समर्थकों की चिंता बढ़ी हुई है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और फिलहाल उनका इलाज जारी है।



