इस बार सबसे खास बात यह है कि चार वर्षीय अंडरग्रेजुएट (UG) प्रोग्राम पूरा कर चुके छात्रों को बिना पोस्टग्रेजुएशन (PG) डिग्री के सीधे पीएचडी में प्रवेश के लिए आवेदन करने का मौका दिया गया है।
4 वर्षीय UG छात्रों को मिलेगा लाभ
नई शिक्षा नीति (NEP 2020) और अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (UGCF) के तहत पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी ने यह विशेष व्यवस्था लागू की है। निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले छात्र सीधे पीएचडी कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य शोध के क्षेत्र में प्रतिभाशाली छात्रों को जल्दी अवसर प्रदान करना है, ताकि उन्हें पीजी की लंबी प्रक्रिया का इंतजार न करना पड़े।
आवेदन प्रक्रिया कैसे पूरी करें?
उम्मीदवारों को दिल्ली यूनिवर्सिटी के एडमिशन पोर्टल पर जाकर पीएचडी एडमिशन सेक्शन में लॉगिन करना होगा। इसके बाद व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन शुल्क जमा करने के बाद फॉर्म सबमिट किया जा सकता है।
विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारियों की अच्छी तरह जांच कर लें और कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करके सुरक्षित रखें।
रिसर्च प्रपोजल अपडेट करने का भी आखिरी दिन
पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में रिसर्च प्रपोजल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि किसी उम्मीदवार को अपने प्रस्ताव में संशोधन या अपडेट करना है, तो उसके लिए भी 16 सितंबर अंतिम तिथि है। आवेदन, फीस भुगतान और रिसर्च प्रपोजल से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं आज ही पूरी करनी होंगी।
वेबसाइट पर जारी होंगे आगे के अपडेट
दिल्ली यूनिवर्सिटी की ओर से विषयवार शेड्यूल, इंटरव्यू और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएंगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से यूनिवर्सिटी पोर्टल पर नजर बनाए रखें।
जो छात्र शोध के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह अवसर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आवेदन की समय सीमा समाप्त होने के बाद नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।