Election Politics: अखिलेश यादव पर बरसे केशव मौर्य, कहा- जातीय समीकरणों से नहीं रुकेगी BJP की जीत
Election Politics: रामाश्रय कुशवाहा के सपा में शामिल होने के बाद भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
Election Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे प्रोफेसर रामाश्रय कुशवाहा के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी समीकरणों और राजनीतिक रणनीतियों के बावजूद पिछली बार की तरह इस बार भी भाजपा को चुनौती देना आसान नहीं होगा।
2022 के चुनाव का किया जिक्र
केशव मौर्य ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में 2022 के विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी समाजवादी पार्टी ने कई दलों और नेताओं के साथ गठबंधन किया था। इसके बावजूद उसे सत्ता तक पहुंचने में सफलता नहीं मिली।
उन्होंने दावा किया कि विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों के बावजूद जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया था और आगे भी यही रुझान देखने को मिलेगा।
सपा की रणनीति पर उठाए सवाल
उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की चुनावी रणनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल गठबंधन और समीकरणों के आधार पर चुनाव नहीं जीते जाते। उन्होंने कहा कि जनता विकास, नेतृत्व और सरकार के कामकाज को भी महत्व देती है।
हालांकि, सपा की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रामाश्रय कुशवाहा की वापसी चर्चा में
गौरतलब है कि प्रोफेसर रामाश्रय कुशवाहा हाल ही में दोबारा समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं। इससे पहले वह भाजपा में थे और लंबे समय तक सक्रिय राजनीति का हिस्सा रहे। उनके साथ विभिन्न दलों और संगठनों से जुड़े कई स्थानीय नेताओं ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण की है।
चुनावी माहौल में बढ़ी राजनीतिक हलचल
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही नेताओं के दल बदलने और एक-दूसरे पर राजनीतिक हमले तेज हो रहे हैं। आने वाले महीनों में ऐसे घटनाक्रम प्रदेश की राजनीति को और गर्मा सकते हैं।


