Sports News: हार्दिक लौटे तो नीतीश का क्या होगा? गंभीर ने दिया संकेत, दोनों ऑलराउंडर साथ खेल सकते हैं!

वनडे में हार्दिक पांड्या की 10 ओवर गेंदबाजी होगी अहम, गंभीर ने नीतीश रेड्डी की गेंदबाजी में सुधार को बताया विश्व कप से पहले टीम के लिए बड़ा विकल्प

Sports News: भारतीय क्रिकेट टीम के सामने आने वाले समय में एक दिलचस्प चयन सवाल खड़ा हो सकता है। हार्दिक पांड्या की फिटनेस पूरी तरह लौटने के बाद क्या उन्हें नीतीश रेड्डी के साथ एक ही प्लेइंग-11 में जगह मिल सकती है? टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इस संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। उनके मुताबिक, अगर हार्दिक वनडे क्रिकेट में लगातार 10 ओवर गेंदबाजी करने की स्थिति में आते हैं तो दोनों ऑलराउंडरों को साथ उतारने का विकल्प मौजूद रहेगा।

हार्दिक फिलहाल चोट के कारण टीम से बाहर हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट उनकी वापसी को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता। दूसरी ओर, नीतीश रेड्डी को लगातार मौके देकर उनकी गेंदबाजी को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

हार्दिक और नीतीश साथ खेल सकते हैं?

गौतम गंभीर ने साफ संकेत दिया है कि हार्दिक की वापसी के बाद टीम में दोनों ऑलराउंडरों के लिए जगह बनाई जा सकती है। हालांकि, वनडे फॉर्मेट में इसका सबसे बड़ा आधार हार्दिक की गेंदबाजी होगी।

हार्दिक अगर 10 ओवर का कोटा पूरा करने में सक्षम रहते हैं, तो टीम को बल्लेबाजी के साथ-साथ तेज गेंदबाजी का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। ऐसे में नीतीश को भी मध्यक्रम में बल्लेबाजी और गेंदबाजी की दोहरी भूमिका दी जा सकती है।

गंभीर के मुताबिक, हार्दिक की वापसी निश्चित तौर पर टीम के लिए सकारात्मक होगी, लेकिन उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सीधे उतारने से पहले उनकी फिटनेस और मैच लय को परखना जरूरी है।

चोट के बाद सीधे टीम में नहीं आएंगे हार्दिक

हार्दिक मई से क्वाड्रिसेप्स की चोट के कारण क्रिकेट से दूर हैं। इसी वजह से वह वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज का हिस्सा भी नहीं हैं।

टीम प्रबंधन उनकी वापसी से पहले घरेलू स्तर पर मैच अभ्यास को प्राथमिकता दे रहा है। गंभीर ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंडिया ए सीरीज हार्दिक के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इस दौरान उनके प्रदर्शन और फिटनेस को देखने के बाद ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी पर फैसला लिया जाएगा।

खास तौर पर वनडे में गेंदबाजी की क्षमता पर नजर रहेगी, क्योंकि सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर हार्दिक को शामिल करने से टीम संयोजन का वह संतुलन नहीं बनता जिसकी टीम को जरूरत है।

नीतीश रेड्डी के लिए क्यों अहम हैं ज्यादा मौके?

दूसरी तरफ नीतीश रेड्डी लगातार अपने प्रदर्शन से टीम प्रबंधन का ध्यान खींच रहे हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ हालिया टी20 मुकाबलों में उनकी गेंदबाजी ने भी प्रभावित किया।

एक मैच में महंगा शुरुआती ओवर डालने के बाद नीतीश ने जिस तरह वापसी करते हुए विकेट हासिल किए, उसे गंभीर ने उनके विकास का हिस्सा बताया। इससे पहले भी उन्होंने सीरीज में तीन विकेट लेने का प्रदर्शन किया था।

गंभीर का मानना है कि नीतीश को जितनी ज्यादा गेंदबाजी मिलेगी, वह उतने ही बेहतर होते जाएंगे। इसी वजह से उन्हें अधिक वनडे क्रिकेट खेलने का अवसर मिलना उनके विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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विश्व कप की तैयारी में तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर अहम

भारतीय टीम की नजर अगले साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप पर भी है। 50 ओवर के क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है जो बल्लेबाजी के साथ तेज गेंदबाजी भी कर सकें।

हार्दिक इस भूमिका में भारत के अनुभवी विकल्प हैं, जबकि नीतीश को भविष्य के विकल्प के तौर पर तैयार किया जा रहा है। अगर दोनों अपनी-अपनी फिटनेस और गेंदबाजी क्षमता साबित करते हैं तो टीम के पास प्लेइंग-11 को लेकर अतिरिक्त संयोजन उपलब्ध होगा।

फिलहाल हार्दिक की वापसी से पहले उनकी फिटनेस सबसे बड़ा सवाल है। वहीं नीतीश के लिए आने वाले मुकाबले खुद को वनडे टीम में स्थापित करने का मौका होंगे। ऐसे में आने वाले महीनों में इन दोनों ऑलराउंडरों का प्रदर्शन टीम इंडिया के संयोजन को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ कर सकता है।

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