Lucknow News-हृदय विफलता, कार्डियोजेनिक शॉक और कृत्रिम परिसंचरण सहायता पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
आरएमएलआईएमएस में उन्नत हृदय चिकित्सा और प्रत्यारोपण की दिशा में नई पहल
Lucknow News-डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (आरएमएलआईएमएस), लखनऊ के हृदय एवं वक्षीय शल्य चिकित्सा विभाग की ओर से हृदय विफलता, कार्डियोजेनिक शॉक, यांत्रिक परिसंचरण सहायता एवं हृदय प्रत्यारोपण विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित हृदय चिकित्सा केंद्रों से आए विशेषज्ञों ने सहभागिता कर आधुनिक हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा की।
कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. सी.एम. सिंह एवं डीन प्रो. डॉ. राजन भटनागर की उपस्थिति में हुआ। यह आयोजन संस्थान के लिए महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि के साथ-साथ हाल ही में स्थापित माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अंग प्रत्यारोपण केंद्र के माध्यम से उन्नत प्रत्यारोपण सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ हृदय एवं वक्षीय शल्य चिकित्सा विभाग के प्रो. डॉ. डी.के. श्रीवास्तव, आयोजन सचिव, के स्वागत संबोधन से हुआ। वैज्ञानिक सत्रों में उन्नत हृदय विफलता प्रबंधन, कार्डियोजेनिक शॉक, यांत्रिक परिसंचरण सहायता, वीए-ईसीएमओ तथा हृदय प्रत्यारोपण की पूरी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
वैज्ञानिक सत्रों में डॉ. मनोज दुरैराज, मैरियन कार्डियक सेंटर, पुणे; डॉ. नीरज कामत, सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल, मुंबई तथा प्रो. डॉ. भुवन चंद तिवारी, विभागाध्यक्ष, हृदय रोग विभाग, आरएमएलआईएमएस, लखनऊ ने हृदय विफलता एवं हृदय प्रत्यारोपण के क्षेत्र में अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा की।
कार्यक्रम में हृदय प्रत्यारोपित अंग के कार्य में कमी से संबंधित विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसके अलावा हृदय विफलता और प्रत्यारोपण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों के बीच संवादात्मक परिचर्चा भी हुई। इसमें चिकित्सकों ने जटिल मामलों के उपचार, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और रोगियों के बेहतर प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में संस्थान की नर्सिंग टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। नर्सिंग स्टाफ की ओर से राखी ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया। वहीं संस्थान के वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारियों एवं नर्सिंग टीम की सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम के संचालन और समन्वय को मजबूती मिली।
कार्यक्रम का आयोजन प्रो. डॉ. डी.के. श्रीवास्तव, आयोजन सचिव तथा डॉ. नवनीत कुमार श्रीवास्तव, आयोजन सह-सचिव के नेतृत्व में हृदय एवं वक्षीय शल्य चिकित्सा विभाग की पूरी टीम के समर्पित प्रयासों से किया गया।
आयोजकों के अनुसार, चुनौतियों के बावजूद हृदय एवं वक्षीय शल्य चिकित्सा विभाग की निरंतर प्रगति और उन्नत हृदय चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण रहा। इससे आरएमएलआईएमएस में उन्नत हृदय विफलता प्रबंधन तथा भविष्य में हृदय प्रत्यारोपण सेवाओं के लिए आवश्यक ज्ञान, विशेषज्ञता और समन्वय को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने ज्ञान, सहयोग और नवीन चिकित्सा तकनीकों के आदान-प्रदान के माध्यम से संस्थान में उन्नत हृदय चिकित्सा सेवाओं को नई दिशा देने पर जोर दिया।



