Cash Payment: PVR INOX में कैश पेमेंट से इनकार का विवाद, UPI पर जोर पड़ते ही ग्राहक ने भेजा लीगल नोटिस

Cash Payment: अहमदाबाद के एक मल्टीप्लेक्स में कैश स्वीकार न किए जाने के आरोप के बाद मामला कानूनी बहस तक पहुंच गया है। ग्राहक ने PVR INOX से कैशलेस नीति पर जवाब मांगा है।

Cash Payment: डिजिटल पेमेंट के बढ़ते दौर में कैशलेस लेनदेन आम होता जा रहा है। हालांकि, अहमदाबाद में सामने आया एक मामला अब कानूनी बहस का विषय बन गया है। एक ग्राहक ने आरोप लगाया है कि PVR INOX के एक मल्टीप्लेक्स में टिकट और खाने-पीने की वस्तुओं के लिए नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया गया।

ग्राहक का दावा है कि उन्हें केवल UPI के माध्यम से भुगतान करने के लिए कहा गया। इसके बाद उन्होंने मल्टीप्लेक्स प्रबंधन को कानूनी नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, अहमदाबाद के पैलेडियम मॉल स्थित PVR INOX में एक वकील फिल्म देखने पहुंचे थे। उनका आरोप है कि टिकट काउंटर पर नकद भुगतान देने की कोशिश करने पर स्टाफ ने कैश लेने से इनकार कर दिया।

इसके बाद जब वह फूड एंड बेवरेज काउंटर पर पहुंचे तो वहां भी उन्हें केवल UPI से भुगतान करने के लिए कहा गया। ग्राहक का कहना है कि उस समय उनके पास डिजिटल भुगतान के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा।

नोटिस में क्या उठाए गए सवाल?

ग्राहक ने भेजे गए लीगल नोटिस में पूछा है कि क्या मल्टीप्लेक्स ने अपनी कथित कैशलेस पॉलिसी की जानकारी पहले से सार्वजनिक की थी। साथ ही यह भी सवाल किया गया है कि यदि कोई ग्राहक नकद भुगतान करना चाहता है तो उसे यह सुविधा क्यों नहीं दी गई।

नोटिस में कहा गया है कि किसी भी ग्राहक को भुगतान के समय अचानक ऐसी शर्तों की जानकारी देना उचित नहीं माना जा सकता।

RBI नियमों का भी दिया हवाला

नोटिस में RBI एक्ट, 1934 की धारा 26(1) का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी मुद्रा कानूनी रूप से मान्य भुगतान माध्यम है।

ग्राहक की ओर से यह भी तर्क दिया गया है कि यदि कोई व्यवसाय पूरी तरह नकद भुगतान लेने से इनकार करता है तो उसे इस संबंध में स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी ग्राहकों को पहले से देनी चाहिए।

जवाब का इंतजार

फिलहाल ग्राहक ने PVR INOX से निर्धारित समय के भीतर जवाब मांगा है। वहीं, इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या व्यवसाय पूरी तरह कैशलेस मॉडल अपना सकते हैं और ऐसी स्थिति में ग्राहकों के अधिकार क्या होंगे।

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