राम मंदिर दान घोटाला : SIT को चोरी के 105 मामले मिले, 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने का लक्ष्य
राम मंदिर दान मामले में SIT को कथित चोरी के 105 मामले मिले हैं। सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल हुई। यूपी सरकार ने 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने का भरोसा दिया है।

New Delhi. अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में दान की रकम में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को अब तक 105 कथित चोरी के मामले मिले हैं। मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, SIT ने CCTV फुटेज, गवाहों के बयान, दान से जुड़े रिकॉर्ड, डिजिटल लॉगिंग रसीदों और बैंक जमा रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण किया है।
यह जानकारी 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई SIT की स्टेटस रिपोर्ट का हिस्सा बताई गई है। इससे पहले विजय विश्वास पंत के नेतृत्व वाली पहली SIT की अंतरिम रिपोर्ट में दान की रकम से जुड़ी कथित चोरी के 70 मामलों का उल्लेख किया गया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को पहली SIT का गठन किया था।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी दूसरी SIT
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 26 जुलाई को दूसरी SIT का गठन किया गया। इसमें लखनऊ जोन के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस, अयोध्या रेंज के DIG सोमेन बरमा, अयोध्या के SSP गौरव ग्रोवर और बाराबंकी के अपर पुलिस अधीक्षक रितेश कुमार सिंह शामिल हैं।
जांचकर्ताओं ने सैकड़ों घंटे के सर्विलांस वीडियो, डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक जमा से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर रहा कि श्रद्धालुओं से प्राप्त दान की रकम बैंक लॉकर में ट्रांसफर किए जाने से पहले किस तरह निकाली गई और उसका इस्तेमाल किस तरीके से किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने SIT की जांच पर जताया संतोष
सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने SIT की ओर से दाखिल स्टेटस रिपोर्ट पर विचार किया। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे।
कोर्ट ने जांच की प्रगति पर संतोष जताया, हालांकि इस चरण में याचिकाकर्ताओं को SIT की स्टेटस रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया। अदालत ने कहा कि वह मामले को फिलहाल सेशन जज के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं ले जाना चाहती। जरूरत महसूस होने पर आगे निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने का भरोसा
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया कि 25 सितंबर तक मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
यह तारीख इसलिए भी अहम है क्योंकि मामले में पहली गिरफ्तारी के बाद 90 दिनों की वैधानिक अवधि इसी दिन पूरी हो रही है। इसके बाद गिरफ्तार आरोपियों को कानून के तहत डिफॉल्ट जमानत का अधिकार मिल सकता है, यदि निर्धारित अवधि में चार्जशीट दाखिल नहीं की जाती।
7 जून को सामने आया था राम मंदिर दान विवाद
राम मंदिर में दान की रकम में कथित गड़बड़ी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। समाजवादी पार्टी नेता तेज नारायण ‘पवन’ पांडे ने आरोप लगाया था कि मंदिर के चढ़ावे से करीब ₹5 करोड़ से ₹7.5 करोड़ की रकम कथित तौर पर हड़पी गई।
इसके बाद हुई जांच में SIT ने आरोप लगाया कि मंदिर के निर्धारित बैंक खाते में रकम जमा होने से पहले ही चढ़ावे के एक हिस्से में कथित गड़बड़ी की गई।
आठ कर्मचारियों की हुई थी गिरफ्तारी
इस मामले में 26 जून को दान की रकम संभालने और उसकी गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, राम शंकर यादव ‘तिन्नू’, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ला, रमा शंकर मिश्रा और करुणेश पांडे शामिल हैं।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, चोरी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) भी लगाई गई है।
करीब ₹79.85 लाख की रकम बरामद
जांचकर्ताओं के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों से कुल ₹79,85,493 बरामद किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह रकम अलग-अलग स्थानों से बरामद की गई, जिनमें बाथरूम, घास के ढेर और गोबर के उपलों से जुड़े स्थान भी शामिल हैं।
SIT ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट में मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई कीमती वस्तुओं को संभालने के तरीके, गिरफ्तारियों और आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों से जुड़ी जानकारी भी सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी है।



