Russia Ukraine War: मॉस्को ड्रोन हमले के बाद रूस का पलटवार, यूक्रेन के ड्नीप्रो पर दागीं मिसाइलें

Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध में फिर बढ़ा तनाव, मॉस्को क्षेत्र पर बड़े ड्रोन हमले के बाद रूस ने यूक्रेन के कई इलाकों को निशाना बनाया। दोनों देशों ने एक-दूसरे के ऊर्जा और रणनीतिक ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं।

Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। मॉस्को क्षेत्र पर हुए बड़े ड्रोन हमले के कुछ ही समय बाद रूस ने यूक्रेन के ड्नीप्रो शहर पर व्यापक मिसाइल हमला कर जवाबी कार्रवाई की है। हमले के बाद शहर के कई हिस्सों में आग लगने और धुएं के गुबार उठने की खबरें सामने आई हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के दिनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के रणनीतिक और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया है। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

मॉस्को पर सैकड़ों ड्रोन हमलों का दावा

रूस के अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी मॉस्को की ओर बढ़ रहे बड़ी संख्या में ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया। रूसी प्रशासन का कहना है कि कुछ ड्रोन रिहायशी इलाकों और महत्वपूर्ण ढांचों तक पहुंच गए, जिससे नुकसान भी हुआ।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, हमलों में कुछ लोगों की जान गई जबकि कई अन्य घायल हुए। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य चलाया गया।

तेल रिफाइनरी और रणनीतिक ठिकाने बने निशाना

यूक्रेनी पक्ष का दावा है कि हमलों के दौरान मॉस्को क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा। बताया गया कि यह रिफाइनरी राजधानी और आसपास के क्षेत्रों के लिए ईंधन आपूर्ति में अहम भूमिका निभाती है।

वहीं, रूस ने आरोप लगाया कि यूक्रेन लगातार उसके ऊर्जा और परिवहन ढांचे को निशाना बना रहा है।

यूक्रेन में भी बढ़ी तबाही

दूसरी ओर, यूक्रेनी अधिकारियों ने दावा किया कि रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों में कई नागरिक हताहत हुए हैं। कुछ क्षेत्रों में आवासीय इमारतों और सार्वजनिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है।

यूक्रेन का कहना है कि रूस लगातार उसके शहरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले कर रहा है, जबकि रूस इसे सैन्य कार्रवाई का हिस्सा बता रहा है।

युद्धविराम की उम्मीदों को झटका

हाल के दिनों में ऊर्जा ढांचे पर हमले कम करने की चर्चाओं के बीच दोनों देशों की ओर से फिर तेज हुए हमलों ने किसी भी संभावित राहत की उम्मीद को कमजोर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही जवाबी कार्रवाइयों से संघर्ष और लंबा खिंच सकता है।

फिलहाल रूस और यूक्रेन दोनों अपने-अपने दावों के साथ युद्ध मोर्चे पर सक्रिय हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नजर बनाए हुए है।

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