Sensex Crash: सेंसेक्स 1200 अंक से ज्यादा टूटा, IRDAI के प्रस्ताव से फाइनेंशियल शेयरों में हाहाकार

Sensex Crash: IRDAI के नए प्रस्ताव के बाद बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली, 12 कंपनियों की मार्केट वैल्यू से 1.12 लाख करोड़ रुपये साफ।

Sensex Crash: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1200 अंकों से अधिक टूटकर 73,600 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 375 अंकों से ज्यादा फिसलकर 23,070 के स्तर पर आ गया। बाजार में आई इस तेज गिरावट का सबसे बड़ा असर बैंकिंग, फाइनेंशियल और इंश्योरेंस सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला।

IRDAI का प्रस्ताव बना गिरावट की बड़ी वजह

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बीमा नियामक IRDAI द्वारा पेश किए गए नए प्रस्ताव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ‘Recalibrating Economics of Insurance Distribution’ नामक इस प्रस्ताव में बीमा वितरण व्यवस्था में बड़े बदलाव सुझाए गए हैं।

प्रस्ताव के तहत बीमा पॉलिसियों पर मिलने वाले कमीशन को सीमित करने, बैंकों द्वारा जबरन बीमा बेचने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने और डार्क पैटर्न्स को खत्म करने जैसे कदम शामिल हैं। हालांकि ये बदलाव ग्राहकों के हित में माने जा रहे हैं, लेकिन इससे बैंकों, बीमा कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म्स के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

12 फाइनेंशियल कंपनियों को बड़ा झटका

बाजार में आई बिकवाली का सबसे ज्यादा असर फाइनेंशियल सेक्टर पर पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 12 प्रमुख फाइनेंशियल कंपनियों की मार्केट कैपिटलाइजेशन में कुल मिलाकर करीब 1.12 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।

सबसे बड़ा नुकसान बजाज फाइनेंस को हुआ, जिसकी मार्केट वैल्यू करीब 29,000 करोड़ रुपये घट गई। इसके अलावा PB Fintech को लगभग 20,000 करोड़ रुपये, HDFC बैंक को 15,000 करोड़ रुपये और एक्सिस बैंक को करीब 14,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

इंश्योरेंस शेयरों में भी भारी दबाव

IRDAI के प्रस्ताव का असर बीमा कंपनियों के शेयरों पर भी साफ दिखाई दिया। HDFC Life, Max Financial, ICICI Prudential Life और अन्य बीमा कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई।

अनुमान के अनुसार, कुल नुकसान में अकेले इंश्योरेंस सेक्टर का योगदान करीब 38,100 करोड़ रुपये रहा। HDFC Life की मार्केट वैल्यू में करीब 7,600 करोड़ रुपये की कमी आई, जबकि Max Financial और ICICI Prudential Life को भी हजारों करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

निवेशकों की बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि IRDAI का प्रस्ताव मौजूदा स्वरूप में लागू होता है तो बीमा वितरण से जुड़े कारोबार के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। इसी आशंका के चलते निवेशकों ने फाइनेंशियल और इंश्योरेंस शेयरों में बिकवाली तेज कर दी।

फिलहाल बाजार की नजर IRDAI की आगे की कार्रवाई और इस प्रस्ताव पर आने वाले अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है। वहीं निवेशक भी आने वाले दिनों में बाजार की दिशा पर नजर बनाए हुए हैं।

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