New Delhi News: सात समंदर पार जीवंत हुई महाराष्ट्र की संस्कृति, बर्लिन में गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’
New Delhi News: Maharashtra's culture comes alive across the seas; 'Ganpati Bappa Morya' echoes in Berlin.
New Delhi News:जर्मनी की राजधानी बर्लिन में भारतीय संस्कृति की अनूठी छटा देखने को मिली, जहां गणेश उत्सव बेहद धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बर्लिन की सड़कों पर जब ‘गणपति बप्पा मोरया’ और ‘मंगलमूर्ति मोरया’ के जयकारे गूंजे, तो पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इस भव्य आयोजन में प्रवासी भारतीयों, विशेषकर महाराष्ट्र से जुड़े परिवारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विदेशी धरती को पूरी तरह से महाराष्ट्र के पारंपरिक रंग में रंग दिया।
उत्सव के दौरान भारतीय समुदाय का उत्साह देखते ही बनता था। महिला-पुरुष और बच्चे पारंपरिक महाराष्ट्रीयन परिधानों, जैसे नौवारी साड़ी, कुर्ता-पायजामा और सिर पर केसरी फेंटा (पगड़ी) पहने नजर आए। सड़कों पर निकले विशाल जुलूस में लोग ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर थिरके। पारंपरिक वाद्यों की गूंज और लेझिम नृत्य ने वहां मौजूद स्थानीय जर्मन नागरिकों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया, जो इस अनूठे सांस्कृतिक उत्सव को अपने कैमरों में कैद करते दिखे।
इस वर्ष के उत्सव का मुख्य केंद्र बर्लिन में नवनिर्मित श्री गणेश मंदिर रहा। इस नए मंदिर परिसर में बप्पा के स्वागत के लिए विशेष और भव्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। उत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में आयोजित हुई महा आरती में जर्मनी में भारत के राजदूत अजीत गुप्ते और उनकी धर्मपत्नी प्रीति गुप्ते ने विशेष रूप से भाग लिया। उन्होंने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर देश और दुनिया में सुख, समृद्धि तथा शांति की कामना की।
जर्मनी स्थित भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर लिखा बर्लिन में बने नए गणेश मंदिर में राजदूत अजीत गुप्ते और प्रीति गुप्ते ने महा आरती में हिस्सा लिया। महा आरती से पहले युवा भारतीय समुदाय के लोगों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत के साथ एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। इसमें सैकड़ों भारतीय मूल के लोगों और जर्मन दोस्तों ने भाग लिया।
इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य न केवल अपनी जड़ों से जुड़े रहना है, बल्कि विदेशी धरती पर पल रही नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से परिचित कराना भी है। यह उत्सव बर्लिन में रह रहे भारतीयों की एकजुटता और सांस्कृतिक गौरव का एक बेजोड़ प्रतीक बन गया है।
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रिपोर्ट -शाश्वत तिवारी



