Flydubai FZ1073: फ्लाईदुबई फ्लाइट में मचा संकट, घायल पायलट ने कराई सुरक्षित लैंडिंग
Flydubai FZ1073: कॉकपिट में सह-पायलट से भिड़े भारतीय कैप्टन स्मित माछर, विमान ने अचानक खोई हजारों फीट ऊंचाई; सऊदी अरब में हुई सुरक्षित लैंडिंग
Flydubai FZ1073: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में बुधवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब कॉकपिट में मौजूद एक सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित माछर पर कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया। घटना के दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से कम हुई और यात्रियों के बीच भी चिंता पैदा हो गई। बाद में यात्रियों, क्रू और विमान में मौजूद अन्य पायलटों की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया और विमान को सऊदी अरब के तबूक में उतारा गया।
घटना के बाद कैप्टन माछर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। भारतीय दूतावास के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और भारतीय मिशन उनके परिवार तथा सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है।
उड़ान के दौरान अचानक बदल गया हालात
रिपोर्टों के मुताबिक FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। विमान में 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प की स्थिति बनी।
इजरायली अधिकारियों के अनुसार, सह-पायलट ने कैप्टन माछर पर हमला किया और विमान के नियंत्रण को प्रभावित करने की कोशिश की। हालांकि इस घटना के कारण और आरोपी की मंशा की आधिकारिक जांच अभी जारी है। फ्लाईदुबई ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि विमान सुरक्षित उतरा और सभी यात्री सुरक्षित थे।
कुछ ही समय में हजारों फीट नीचे आया विमान
घटना के दौरान विमान ने अचानक बड़ी ऊंचाई खो दी। रिपोर्टों के मुताबिक बोइंग 737 मैक्स 8 करीब 33-34 हजार फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे आया और लगभग 17 हजार फीट तक पहुंच गया।
इस असामान्य स्थिति के बाद विमान से आपातकालीन संकेत भेजा गया। इजरायल की ओर से संभावित सुरक्षा खतरे को देखते हुए लड़ाकू विमानों को भी अलर्ट किया गया था।
घायल होने के बावजूद कैप्टन ने खोला कॉकपिट का दरवाजा
इस घटना में कैप्टन स्मित माछर के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, हमला होने के बाद भी उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्री और क्रू अंदर पहुंच सके।
इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और ड्यूटी से बाहर यात्रा कर रहे पायलटों ने कथित हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान के नियंत्रण को संभाला गया और उसे सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया।
तबूक में हुई सुरक्षित लैंडिंग
विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया। लैंडिंग के बाद दोनों पायलटों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। कैप्टन माछर को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई।
भारतीय दूतावास ने बताया कि कैप्टन की हालत स्थिर है। भारतीय अधिकारी उनके परिवार के संपर्क में हैं और सऊदी अधिकारियों के साथ उनके इलाज को लेकर समन्वय कर रहे हैं।
कौन हैं कैप्टन स्मित माछर?
स्मित माछर भारतीय नागरिक हैं और फ्लाईदुबई के साथ कैप्टन के तौर पर कार्यरत हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने इससे पहले स्पाइसजेट में भी काम किया था। वह 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े और बोइंग 737 सीरीज के विमान उड़ाते रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार उनके पास करीब 9,750 घंटे का उड़ान अनुभव है। विमानन क्षेत्र में लंबे अनुभव के कारण घटना के बाद उनकी भूमिका को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है।
आरोपी सह-पायलट हिरासत में
घटना के बाद आरोपी सह-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। इजरायली अधिकारी घटना की परिस्थितियों और संभावित मंशा की जांच कर रहे हैं।
कुछ इजरायली अधिकारियों ने इसे विमान को नुकसान पहुंचाने की संभावित कोशिश के तौर पर देखा है, जबकि घटना की वास्तविक वजह अभी जांच का विषय है। इसलिए इस स्तर पर हमले की मंशा को अंतिम रूप से तय नहीं किया गया है।
चाकू कॉकपिट तक कैसे पहुंचा?
इस घटना के बाद विमान सुरक्षा को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि कॉकपिट में चाकू कैसे पहुंचा। पायलटों और विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों की ओर से अलग-अलग संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले यह कहना संभव नहीं है कि हथियार विमान में किस तरह पहुंचा।
यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 9/11 के बाद कॉकपिट सुरक्षा को लेकर दुनियाभर में बेहद सख्त प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं।
क्या बदल सकते हैं एविएशन सिक्योरिटी के नियम?
घटना के बाद इजरायल ने देश में आने वाली उड़ानों के पायलटों की सुरक्षा जांच और कड़ी करने की बात कही है। इससे विमानन उद्योग में कॉकपिट सुरक्षा, क्रू स्क्रीनिंग और पायलटों से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल पर नए सिरे से चर्चा शुरू हुई है।
विशेषज्ञों के लिए यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कथित खतरा विमान के बाहर से नहीं बल्कि कॉकपिट के अंदर मौजूद क्रू सदस्य से जुड़ा था।
प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं ने की सराहना
कैप्टन माछर की भूमिका की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद माछर ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए साहस और दृढ़ता दिखाई। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय कैप्टन को बहादुरी के लिए सलाम किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन माछर को “हीरो” बताया। घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी भूमिका की चर्चा हुई है।
विमान में मौजूद लोगों की भूमिका भी अहम
इस पूरे घटनाक्रम में केवल कैप्टन माछर ही नहीं, बल्कि यात्रियों, केबिन क्रू और विमान में मौजूद अन्य पायलटों की भूमिका भी सामने आई है। कॉकपिट तक पहुंचने और कथित हमलावर को नियंत्रित करने के बाद विमान को सुरक्षित तरीके से तबूक पहुंचाया गया।
रिपोर्टों के मुताबिक इस सामूहिक प्रतिक्रिया ने स्थिति को और बिगड़ने से रोकने में मदद की।
2015 के जर्मनविंग्स हादसे की फिर चर्चा
इस घटना के बाद विमान के अंदर से उत्पन्न सुरक्षा जोखिमों पर भी चर्चा तेज हुई है। 2015 में जर्मनविंग्स के एक सह-पायलट द्वारा विमान को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त किए जाने की घटना के बाद कॉकपिट में कम से कम दो लोगों की मौजूदगी से जुड़े नियमों पर कई देशों में जोर दिया गया था।
फ्लाईदुबई की घटना ने इस सवाल को फिर सामने ला दिया है कि मौजूदा कॉकपिट सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ क्रू स्क्रीनिंग और अन्य सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा किस तरह की जाए।
फिलहाल स्मित माछर की हालत स्थिर
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 की घटना की जांच जारी है। कैप्टन स्मित माछर सऊदी अरब के तबूक स्थित अस्पताल में उपचार करा रहे हैं और भारतीय दूतावास के अनुसार उनकी हालत स्थिर है। इस घटना में विमान में सवार सभी यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग हुई।



