Flydubai: फ्लाईदुबई विमान कांड में कई सवाल, UAE जांचेगा ओमानी को-पायलट का आतंकी कनेक्शन
Flydubai: दुबई से तेल अवीव जा रही FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुआ था हमला; विमान 14 हजार फीट नीचे आया, यात्रियों और क्रू की मदद से टली बड़ी दुर्घटना
Flydubai: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के भीतर हुए गंभीर घटनाक्रम ने विमान सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने मामले की जांच शुरू कर दी है। UAE के अटॉर्नी जनरल ने विशेषज्ञ टीम को यह पता लगाने का निर्देश दिया है कि घटना के पीछे किसी तरह की आतंकी गतिविधि, पूर्व नियोजित साजिश या किसी बाहरी संगठन का निर्देशन तो नहीं था।
घटना के दौरान विमान करीब 14 हजार फीट नीचे आया और उसे सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर आपात स्थिति में उतारना पड़ा। फ्लाईदुबई ने घटना को फ्लाइट डेक पर हुआ विवाद बताया है, जबकि इजरायली अधिकारियों ने इसे विमान को गिराने की कोशिश के तौर पर पेश किया है। घटना की वास्तविक वजह और आरोपी की मंशा अभी जांच का विषय है।
को-पायलट पर पायलट पर हमला करने का आरोप
रिपोर्टों के मुताबिक उड़ान के दौरान को-पायलट ने कैप्टन स्मित माछर पर हमला किया। भारतीय मूल के कैप्टन घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिसके बाद यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य क्रू सदस्यों ने स्थिति संभालने में मदद की।
इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया। दोनों पायलटों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। भारतीय दूतावास के अनुसार कैप्टन माछर की हालत स्थिर बताई गई है।
14 हजार फीट नीचे आया विमान
घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्टों के अनुसार विमान करीब 14 हजार फीट नीचे आया। विमान से पहले सामान्य आपात संकेत और बाद में अनधिकृत हस्तक्षेप का संकेत देने वाला कोड प्रसारित हुआ था। इसके बाद स्थिति को गंभीर मानते हुए विमान को सऊदी अरब में उतारा गया।
ओमानी नागरिक होने की जानकारी की भी जांच
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू संदिग्ध को-पायलट की राष्ट्रीयता और उसकी नियुक्ति से जुड़ा है। इजरायली अधिकारियों ने उसे ओमान का नागरिक बताया है, हालांकि UAE, ओमान और फ्लाईदुबई की ओर से उसकी राष्ट्रीयता की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल नहीं की गई थी। UAE की जांच में इसी तरह के शुरुआती दावों और सुरक्षा प्रक्रियाओं की भी पड़ताल की जा रही है।
मामले में यह भी देखा जा रहा है कि इजरायल जाने वाली उड़ान में तैनाती से पहले पायलट की सुरक्षा जांच किस स्तर पर हुई थी और कॉकपिट तक किसी धारदार हथियार के पहुंचने की स्थिति कैसे बनी।
आतंकी साजिश थी या व्यक्तिगत हमला?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल आरोपी की मंशा को लेकर है। इजरायली अधिकारियों ने इसे आतंकी हमले की कोशिश बताया है, जबकि UAE की जांच अभी इस बात की पुष्टि करने की प्रक्रिया में है कि घटना में आतंकवाद, पूर्व नियोजन या किसी बाहरी निर्देशन की भूमिका थी या नहीं।
UAE के अटॉर्नी जनरल ने लोगों और मीडिया से अपुष्ट सूचनाएं प्रसारित नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े शुरुआती विवरणों में कुछ गलत सूचनाएं भी सामने आई हैं।
ईरान कनेक्शन पर भी उठे सवाल
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना के पीछे संभावित आतंकी कनेक्शन की जांच की बात कही है और ईरान की संभावित भूमिका का भी जिक्र किया है। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक अभी तक ईरान और घटना के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध स्थापित नहीं हुआ है। नेतन्याहू ने भी कहा है कि मामले की जड़ तक पहुंचना जांच का हिस्सा है।
इसलिए फिलहाल किसी संगठन या देश को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना जांच पूरी होने से पहले जल्दबाजी होगी।
यात्रियों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
घटना के दौरान कुछ यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य प्रशिक्षित कर्मियों ने कॉकपिट तक पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। घायल कैप्टन के कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों को अंदर जाने का अवसर मिला और संदिग्ध को काबू किया गया। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से तबुक में उतारा गया।
UAE के साथ सऊदी और इजरायल में भी जांच
इस मामले की जांच केवल UAE तक सीमित नहीं है। विमान सऊदी अरब में उतरा था और संदिग्ध को-पायलट से पूछताछ भी वहीं हुई। इजरायल ने भी जांच में शामिल होने की बात कही है। अलग-अलग देशों की एजेंसियां घटना की वजह, सुरक्षा प्रक्रिया और आरोपी की पृष्ठभूमि से जुड़े पहलुओं को खंगाल रही हैं।
घटना के बाद फ्लाईदुबई ने इजरायल के लिए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से रोकने का फैसला भी किया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और क्या इसमें किसी व्यापक साजिश का संबंध था।



