NCERT Diploma Course: मिडिल स्कूल साइंस टीचर्स के लिए NCERT की खास पहल, 40 सप्ताह का ऑनलाइन डिप्लोमा लॉन्च
NCERT Diploma Course: NCERT की नई पहल का उद्देश्य मिडिल स्टेज पर विज्ञान शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और शिक्षकों की पेशेवर क्षमता बढ़ाना है।
NCERT Diploma Course: देशभर के मिडिल स्कूल शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने एक विशेष ऑनलाइन डिप्लोमा प्रोग्राम शुरू किया है। यह कोर्स खासतौर पर कक्षा 6 से 8 तक विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों की शैक्षणिक क्षमता और शिक्षण कौशल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। बदलते शैक्षणिक माहौल और नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
“डिप्लोमा इन टीचिंग ऑफ साइंस एट मिडिल स्टेज” नाम का यह कार्यक्रम शिक्षकों को विज्ञान विषयों की गहरी समझ विकसित करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को प्रभावी ढंग से पढ़ाने की नई तकनीकों से भी परिचित कराएगा। कोर्स पूरी तरह ऑनलाइन मोड में संचालित होगा, जिससे देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले शिक्षक इसमें आसानी से भाग ले सकेंगे। यह कार्यक्रम 2026-27 बैच के लिए शुरू किया गया है।
इस कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और इच्छुक उम्मीदवार 12 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वहीं, कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत 16 नवंबर 2026 से होगी। NCERT का कहना है कि इस कोर्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि शिक्षक अपनी नौकरी और अन्य जिम्मेदारियों के साथ भी इसे आसानी से पूरा कर सकें।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस डिप्लोमा कार्यक्रम में वर्तमान में कार्यरत विज्ञान शिक्षक आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा बीएससी डिग्रीधारक, शिक्षा में डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त उम्मीदवार, बीएड या अन्य शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अध्ययनरत प्री-सर्विस शिक्षक भी इसके लिए पात्र होंगे। साइंस एजुकेशन के क्षेत्र से जुड़े अन्य पेशेवर और शिक्षा क्षेत्र में रुचि रखने वाले अभ्यर्थी भी इस कोर्स में दाखिला ले सकते हैं।
हालांकि NCERT ने स्पष्ट किया है कि यह एक प्रोफेशनल डेवलपमेंट और अकादमिक कोर्स है। इसे किसी सरकारी या निजी शिक्षक भर्ती के लिए आवश्यक योग्यता के बराबर नहीं माना जाएगा और इसके आधार पर किसी प्रकार की नियुक्ति संबंधी छूट का दावा नहीं किया जा सकेगा।
कोर्स में क्या पढ़ाया जाएगा?
40 सप्ताह की अवधि वाले इस कार्यक्रम में कुल 40 मॉड्यूल शामिल किए गए हैं। हर सप्ताह एक नया मॉड्यूल जारी किया जाएगा। कोर्स के दौरान भौतिक और रासायनिक परिवर्तन, अम्ल-क्षार और लवण, धातु और अधातु, बल और गति, ऊर्जा, ऊष्मा, तापमान, द्रव्य का दबाव जैसे विज्ञान के महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से अध्ययन कराया जाएगा।
इसके साथ ही शिक्षकों को डिजिटल कंटेंट, इंटरैक्टिव लर्निंग टूल्स, लेसन प्लानिंग और विद्यार्थियों को जटिल वैज्ञानिक अवधारणाएं सरल तरीके से समझाने की तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
फीस और मूल्यांकन
इस ऑनलाइन डिप्लोमा कोर्स के लिए प्रतिभागियों को केवल 2000 रुपये की एकमुश्त एनरोलमेंट फीस जमा करनी होगी। इसके अलावा कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं रखा गया है। प्रत्येक मॉड्यूल के अंत में ऑनलाइन मूल्यांकन होगा और सभी मॉड्यूल सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को अंतिम परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
NCERT का मानना है कि यह कार्यक्रम मिडिल स्कूल स्तर पर विज्ञान शिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों से लैस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



