UNSC: पाकिस्तान में कश्मीर पर सवाल से गुटेरेस ने बनाई दूरी, असीम मुनीर से मुलाकात के बाद दिया शांति का संदेश

UNSC: यूएन महासचिव ने जम्मू-कश्मीर पर UNSC प्रस्तावों को लेकर सीधे जवाब के बजाय संवाद और शांतिपूर्ण समाधान पर दिया जोर, रावलपिंडी में पाक सेना प्रमुख से भी हुई मुलाकात

UNSC: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की पाकिस्तान यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में रहा। एक पत्रकार द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के जम्मू-कश्मीर से जुड़े प्रस्तावों पर सवाल पूछे जाने पर गुटेरेस ने सीधे तौर पर किसी प्रस्ताव की व्याख्या करने के बजाय विवादों के समाधान के लिए शांति और संवाद की जरूरत पर जोर दिया।

गुटेरेस ने कहा कि उनका मानना है कि समस्याओं का समाधान बातचीत और शांतिपूर्ण माध्यमों से किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र की ‘गुड ऑफिसेज’ यानी मध्यस्थता की पेशकश परिस्थितियों के अनुरूप उपलब्ध है। संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, गुटेरेस 6-7 अक्टूबर को पाकिस्तान की यात्रा पर थे और इस दौरान उन्होंने कई शीर्ष पाकिस्तानी नेताओं से मुलाकात की।

कश्मीर के सवाल पर सीधे जवाब से बचे गुटेरेस

कश्मीर से जुड़े सवाल के जवाब में गुटेरेस ने किसी एक पक्ष के दावे का समर्थन करने के बजाय व्यापक रूप से शांतिपूर्ण समाधान की बात की। उनका यह रुख संयुक्त राष्ट्र की उस सामान्य भूमिका के अनुरूप रहा, जिसमें वह भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने और बातचीत के जरिए विवादों के समाधान की जरूरत पर जोर देता रहा है।

2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी गुटेरेस ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता जताई थी और दोनों देशों के बीच टकराव टालने तथा तनाव कम करने के लिए अपने ‘गुड ऑफिसेज’ की पेशकश की थी।

रावलपिंडी में असीम मुनीर से मुलाकात

पाकिस्तान यात्रा के दौरान गुटेरेस ने रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर में फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, बातचीत में पाकिस्तान की क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय भूमिका, आतंकवाद से उत्पन्न खतरे तथा अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

पाकिस्तानी पक्ष की ओर से जारी जानकारी में भी क्षेत्रीय सुरक्षा और जम्मू-कश्मीर समेत विभिन्न मुद्दों पर बातचीत का उल्लेख किया गया। हालांकि, गुटेरेस की सार्वजनिक टिप्पणियों में कश्मीर के सवाल पर किसी पक्ष के दावे को स्वीकार करने जैसा कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया।

UNSC में सुधार की जरूरत पर भी बोले गुटेरेस

पाकिस्तान में बातचीत के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना भी चर्चा में रही। गुटेरेस लंबे समय से सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत की बात करते रहे हैं।

उनका कहना रहा है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा परिषद की संरचना में बदलाव जरूरी है, ताकि यह आज की दुनिया की वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित कर सके। पाकिस्तान की यात्रा के दौरान भी उन्होंने बहुपक्षीय व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भूमिका से जुड़े मुद्दों पर बात की।

सिंधु जल संधि और क्षेत्रीय तनाव का मुद्दा

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के संदर्भ में सिंधु जल संधि भी चर्चा का विषय बनी। भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद संधि को स्थगित रखने का फैसला किया था। संयुक्त राष्ट्र ने उस समय पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की थी और गुटेरेस ने भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी।

पाकिस्तान लगातार कश्मीर और सिंधु जल संधि से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है। संयुक्त राष्ट्र के दस्तावेजों में भी पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को सुरक्षा परिषद के एजेंडे से जुड़े मामलों में बनाए रखने की मांग दर्ज है।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी मिले

गुटेरेस ने पाकिस्तान यात्रा के दौरान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात की। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में पाकिस्तान की भूमिका, शांतिपूर्ण विवाद समाधान और संयुक्त राष्ट्र के साथ उसके सहयोग पर चर्चा हुई।

पाकिस्तान ने गुटेरेस को अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक से भी सम्मानित किया। इसके अलावा उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के भारत और पाकिस्तान में सैन्य पर्यवेक्षक समूह यानी UNMOGIP से जुड़े कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया।

भारत भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रखता रहा है अपना पक्ष

इसी बीच भारत लगातार जम्मू-कश्मीर को लेकर अपना रुख अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोहराता रहा है। भारत का आधिकारिक रुख है कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न हिस्सा है और सीमा पार आतंकवाद क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर चुनौती है।

दूसरी ओर पाकिस्तान इसे अंतरराष्ट्रीय विवाद के रूप में उठाता रहा है। ऐसे में गुटेरेस का ताजा बयान किसी नए समाधान या किसी पक्ष के दावे की पुष्टि के बजाय संवाद और शांतिपूर्ण प्रक्रिया पर केंद्रित दिखाई देता है।

कश्मीर पर गुटेरेस के रुख से क्या संदेश?

गुटेरेस के बयान में कश्मीर के सवाल पर किसी विशेष UNSC प्रस्ताव की व्याख्या या किसी एक पक्ष के दावे का समर्थन नहीं किया गया। इसके बजाय उन्होंने बातचीत, शांति और मध्यस्थता की अपनी पेशकश को दोहराया।

इससे इतना स्पष्ट है कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव पाकिस्तान यात्रा के दौरान कश्मीर मुद्दे पर किसी सीधे राजनीतिक निष्कर्ष की घोषणा से दूर रहे। वहीं असीम मुनीर समेत पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ उनकी बैठकों में क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय शांति के मुद्दे प्रमुख रहे।:

Related Articles

Back to top button