CAT 2026: IIM में MBA का घटा आकर्षण? CAT 2026 के लिए 2.84 लाख अभ्यर्थियों ने कराया रजिस्ट्रेशन

CAT 2026: लगातार दूसरे साल कम हुए आवेदन, 2024 में 3.29 लाख उम्मीदवारों ने भरा था फॉर्म; फीस, प्लेसमेंट और नौकरी छोड़कर पढ़ाई करने जैसे पहलू बन सकते हैं फैसले की वजह

CAT 2026: देश के प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थानों में दाखिले की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के बीच कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) को लेकर इस साल रजिस्ट्रेशन में गिरावट दर्ज की गई है। CAT 2026 के लिए करीब 2.84 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, जबकि 2025 में यह संख्या लगभग 2.95 लाख थी। इससे पहले 2024 में 3.29 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। लगातार दो वर्षों से आवेदन संख्या में आ रही कमी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या युवाओं के बीच इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) से एमबीए करने का आकर्षण कम हो रहा है?

हालांकि, रजिस्ट्रेशन में गिरावट को मैनेजमेंट शिक्षा की लोकप्रियता में कमी का सीधा प्रमाण नहीं माना जा सकता। उम्मीदवारों के करियर विकल्प, पढ़ाई पर होने वाला खर्च, नौकरी के अवसर और दूसरे मैनेजमेंट संस्थानों की प्रवेश परीक्षाएं भी उनके फैसले को प्रभावित कर सकती हैं।

तीन साल में कितने घटे CAT के आवेदन?

CAT के पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो रजिस्ट्रेशन में लगातार कमी दिखाई देती है।

  • 2024: 3.29 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया।
  • 2025: रजिस्ट्रेशन घटकर 2.95 लाख रह गया।
  • 2026: इस साल करीब 2.84 लाख आवेदन दर्ज किए गए।

पिछले साल की तुलना में CAT 2026 के रजिस्ट्रेशन में लगभग 3.7 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं, 2024 के आंकड़े से तुलना करने पर इस साल आवेदनों की संख्या करीब 13.7 प्रतिशत कम है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि CAT के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या में कमी आई है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि युवाओं की मैनेजमेंट करियर में रुचि खत्म हो रही है।

क्या अब IIM में दाखिला पाना होगा आसान?

CAT के जरिए देश के 22 IIM सहित कई अन्य मैनेजमेंट संस्थानों में प्रवेश का रास्ता खुलता है। ऐसे में आवेदन घटने के बाद उम्मीदवारों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि क्या शीर्ष बिजनेस स्कूलों में दाखिला पाना पहले से आसान हो जाएगा।

विशेषज्ञता और संस्थान के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है। केवल CAT स्कोर के आधार पर हर जगह दाखिला तय नहीं होता। उम्मीदवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि, परीक्षा में प्रदर्शन, इंटरव्यू और संबंधित संस्थान के चयन मानदंड भी अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए रजिस्ट्रेशन में कमी के बावजूद प्रतिष्ठित IIM में सीट हासिल करने के लिए अच्छी तैयारी जरूरी बनी रहेगी।

MBA की फीस और प्लेसमेंट पर बढ़ा ध्यान

एमबीए में दाखिला लेने से पहले छात्र अब केवल संस्थान की प्रतिष्ठा नहीं देखते, बल्कि पढ़ाई पर होने वाले कुल खर्च और उसके बाद मिलने वाले करियर लाभ का भी आकलन करते हैं। कई प्रमुख बिजनेस स्कूलों में एमबीए की फीस काफी अधिक होती है। ऐसे में उम्मीदवार यह समझना चाहते हैं कि डिग्री पूरी होने के बाद नौकरी के कितने अवसर मिलेंगे और संभावित वेतन के मुकाबले उनका निवेश कितना फायदेमंद रहेगा।

नौकरी के बाजार में बदलाव और कंपनियों की भर्ती नीतियां भी छात्रों के फैसलों पर असर डाल सकती हैं। यदि किसी उम्मीदवार को फीस और रहने-खाने के खर्च के मुकाबले भविष्य के लाभ को लेकर स्पष्टता नहीं मिलती, तो वह एमबीए में दाखिला लेने के फैसले पर दोबारा विचार कर सकता है।

नौकरी छोड़कर पढ़ाई करना भी बड़ी चुनौती

कामकाजी युवाओं के लिए दो साल का फुल-टाइम एमबीए करना केवल फीस जुटाने तक सीमित नहीं है। पढ़ाई के दौरान नौकरी छोड़ने पर नियमित आय बंद हो सकती है। इसके साथ ही परिवार और दूसरी आर्थिक जिम्मेदारियों का दबाव भी निर्णय को प्रभावित करता है।

इसी वजह से कुछ उम्मीदवार नौकरी के साथ एग्जीक्यूटिव एमबीए, ऑनलाइन मैनेजमेंट प्रोग्राम या अल्पकालिक सर्टिफिकेट कोर्स जैसे विकल्पों पर विचार करते हैं। इन माध्यमों से वे अपनी नौकरी जारी रखते हुए कौशल बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे विकल्पों की उपलब्धता भी पारंपरिक फुल-टाइम एमबीए के प्रति उम्मीदवारों के नजरिये को प्रभावित कर सकती है।

CAT के अलावा भी कई प्रवेश परीक्षाएं

मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए CAT ही एकमात्र रास्ता नहीं है। उम्मीदवार अपनी पसंद के संस्थान, तैयारी और बजट के आधार पर अन्य प्रवेश परीक्षाओं के जरिए भी दाखिला लेने का प्रयास कर सकते हैं। इनमें प्रमुख परीक्षाएं शामिल हैं:

  • XAT: विभिन्न बिजनेस स्कूलों में प्रवेश के लिए।
  • SNAP: सिम्बायोसिस से जुड़े संस्थानों के मैनेजमेंट कार्यक्रमों के लिए।
  • NMAT: संबंधित बिजनेस स्कूलों के प्रवेश विकल्पों के लिए।
  • CMAT: कई मैनेजमेंट संस्थानों में दाखिले के लिए।

इन परीक्षाओं के माध्यम से उम्मीदवारों को अलग-अलग संस्थानों और पाठ्यक्रमों में प्रवेश के अवसर मिलते हैं। ऐसे में CAT के रजिस्ट्रेशन में गिरावट का आकलन करते समय मैनेजमेंट शिक्षा के दूसरे विकल्पों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

CAT 2026 की परीक्षा और एडमिट कार्ड

दी गई जानकारी के मुताबिक, CAT 2026 की परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित की जानी है। एडमिट कार्ड 4 नवंबर को जारी होने की तारीख बताई गई है। आवेदन शुल्क सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 2,700 रुपये और आरक्षित श्रेणियों के लिए 1,350 रुपये बताया गया है।

उम्मीदवारों को सलाह है कि परीक्षा की तारीख, एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी निर्देशों की पुष्टि CAT की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचना से करें।

घटते आवेदन क्या संकेत देते हैं?

CAT 2026 में रजिस्ट्रेशन की संख्या कम होने से एमबीए और IIM में दाखिले को लेकर चर्चा जरूर तेज हुई है, लेकिन केवल इन आंकड़ों के आधार पर युवाओं की बदलती प्राथमिकताओं का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। फीस, प्लेसमेंट, नौकरी के अवसर, पढ़ाई के दौरान होने वाला खर्च और दूसरे पाठ्यक्रमों की उपलब्धता जैसे कई कारक इस रुझान के पीछे हो सकते हैं।

आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि CAT के आवेदनों में गिरावट आगे भी जारी रहती है या उम्मीदवारों की संख्या में फिर बढ़ोतरी होती है। फिलहाल, इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए संस्थान चुनते समय उसकी फीस, पाठ्यक्रम, प्लेसमेंट रिकॉर्ड और अपने करियर लक्ष्य का तुलनात्मक आकलन करना जरूरी है।

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