TCS Share Price: TCS के नतीजों से शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा चढ़ा

TCS Share Price: अमेरिका में आठ आईटी कंपनियों के लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम पर रोक की खबर के बीच TCS के शेयरों में 5% से अधिक की तेजी, तिमाही मुनाफे और डिविडेंड के ऐलान से निवेशकों का बढ़ा भरोसा

TCS Share Price: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान जोरदार रिकवरी देखने को मिली। आईटी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी बढ़ने से बाजार को सहारा मिला और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में 5 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसका असर बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी पर भी दिखाई दिया। दो कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सेंसेक्स एक समय 800 अंक से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली।

यह तेजी ऐसे समय आई, जब अमेरिका में TCS, इन्फोसिस और विप्रो समेत आठ बड़ी टेक कंपनियों के परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम को निलंबित किए जाने की खबर सामने आई। हालांकि, बाजार में TCS की तेजी के पीछे कंपनी के तिमाही नतीजों और डिविडेंड के ऐलान को अहम वजह बताया गया।

TCS के शेयरों में 5% से ज्यादा की तेजी

शुक्रवार सुबह TCS के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। सुबह करीब 10 बजे शेयर लगभग 2,193 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था और इसमें 5 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई।

कंपनी के शेयरों में आई इस बढ़त ने आईटी सेक्टर के दूसरे शेयरों को भी सहारा दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 292 अंक चढ़कर 71,876.10 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 84.60 अंक की बढ़त के साथ 22,310.40 पर कारोबार करता दिखाई दिया।

इसके बाद बाजार में तेजी और बढ़ी। सेंसेक्स एक समय 800 अंक से अधिक उछलकर 72,400 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी करीब 284 अंक चढ़कर 22,515 के स्तर तक पहुंच गया।

तिमाही मुनाफे में 15% की बढ़ोतरी

TCS के शेयरों में तेजी की प्रमुख वजह कंपनी के तिमाही नतीजे रहे। कंपनी ने जुलाई तिमाही में 13,884 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 15 फीसदी अधिक है।

इस दौरान कंपनी के ऑपरेटिंग रेवेन्यू में भी सालाना आधार पर 11.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन ने निवेशकों का ध्यान कंपनी के शेयरों की ओर खींचा।

इसके अलावा TCS ने निवेशकों के लिए 12 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान भी किया। मुनाफे में बढ़ोतरी और डिविडेंड की घोषणा से शेयर में खरीदारी को अतिरिक्त समर्थन मिला।

दूसरी आईटी कंपनियों के शेयर भी चढ़े

शुक्रवार को बाजार में तेजी केवल TCS तक सीमित नहीं रही। इन्फोसिस, HCL टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा जैसे आईटी शेयरों में भी बढ़त देखने को मिली। इसके अलावा ITC, अडानी पोर्ट्स और HDFC बैंक के शेयर भी तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए।

हालांकि, बाजार के सभी शेयरों में एक जैसी स्थिति नहीं रही। Eternal, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ICICI बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

गुरुवार की बिकवाली के बाद बाजार ने पकड़ी रफ्तार

शुक्रवार की तेजी से पहले गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली हुई थी। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को 12,943.58 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।

इस बिकवाली के बीच सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44 फीसदी गिरकर 71,593.24 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 371.25 अंक यानी 1.64 फीसदी टूटकर 22,231.80 के स्तर पर आ गया था।

ऐसे में शुक्रवार को आईटी शेयरों में खरीदारी और TCS के मजबूत नतीजों के सहारे बाजार में आई तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत दी।

अमेरिका में आठ टेक कंपनियों पर कार्रवाई की खबर

भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अमेरिका से एक चुनौतीपूर्ण खबर भी सामने आई। अमेरिकी प्रशासन ने TCS, इन्फोसिस और विप्रो समेत आठ बड़ी टेक कंपनियों के परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम को निलंबित कर दिया है।

अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि इन कंपनियों ने विदेशी कर्मचारियों को कम वेतन पर नियुक्त करने के जरिए अमेरिकी कामगारों के हितों को प्रभावित किया हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने तक संबंधित कंपनियों के ग्रीन कार्ड सर्टिफिकेशन प्रोग्राम पर रोक रहेगी।

यह कार्रवाई अमेरिकी रोजगार नियमों और विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े सवालों के बीच हुई है। हालांकि, इसका दीर्घकालिक असर संबंधित कंपनियों पर क्या होगा, यह जांच और आगे होने वाले फैसलों पर निर्भर करेगा।

आगे बाजार की चाल पर रहेगी नजर

शुक्रवार को TCS के शेयरों में तेजी और आईटी सेक्टर में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला। कंपनी के तिमाही नतीजे और डिविडेंड का ऐलान निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत रहे। दूसरी ओर, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अमेरिकी कार्रवाई से जुड़ी खबरें बाजार के लिए जोखिम भी बनी हुई हैं।

आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर आईटी कंपनियों के प्रदर्शन, विदेशी निवेश के रुझान और वैश्विक घटनाक्रम पर रहेगी। शेयर बाजार में तेजी के बावजूद किसी एक दिन के प्रदर्शन को भविष्य की चाल की गारंटी नहीं माना जा सकता।

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