Business News: रक्षा निर्यात में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अदाणी डिफेंस को SIDM चैंपियन अवार्ड 2026
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में प्रदान किया सम्मान, कानपुर स्थित अदाणी आयुध निर्माण इकाई की अहम भूमिका
Business News: रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में निर्यात के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस को सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) चैंपियन अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। नौ अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित SIDM के आठवें वार्षिक सत्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कंपनी को यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और महानिदेशक (अधिग्रहण) ए. अनबरासु भी उपस्थित रहे।
यह सम्मान भारत में स्वदेशी रक्षा विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय रक्षा उत्पादों की पहुंच बढ़ाने की दिशा में कंपनी के प्रयासों को मान्यता देता है। रक्षा क्षेत्र में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और निर्यात के अवसरों का विस्तार करने के लिहाज से इस उपलब्धि को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कानपुर की आयुध निर्माण इकाई की महत्वपूर्ण भूमिका
अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के रक्षा विनिर्माण परिचालन में उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित आयुध निर्माण परिसर की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस इकाई में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रक्षा एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए छोटे कैलिबर के गोला-बारूद का निर्माण किया जाता है। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 30 करोड़ राउंड बताई गई है।
यह संयंत्र उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के मानकों के अनुरूप गोला-बारूद का उत्पादन करता है। इसकी विनिर्माण गतिविधियां आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश की स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयासों को मजबूती प्रदान करती हैं। घरेलू स्तर पर आधुनिक रक्षा उत्पादों का निर्माण भारत की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी अहम माना जाता है।
रक्षा विनिर्माण में निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका पर जोर
SIDM के वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने, अनुसंधान एवं विकास में निवेश को प्रोत्साहित करने तथा औद्योगिक उत्पादन क्षमता के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया।
समारोह में प्रौद्योगिकी विकास, उत्पाद नवाचार, डिजाइन, आयात प्रतिस्थापन, विनिर्माण उत्कृष्टता और निर्यात सहित विभिन्न श्रेणियों में कुल 15 पुरस्कार प्रदान किए गए। इन पुरस्कारों का उद्देश्य रक्षा उद्योग में काम कर रही कंपनियों के योगदान और उनकी उपलब्धियों को मान्यता देना है।
रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से उत्पादन क्षमता, तकनीकी विकास और निर्यात के अवसरों के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में स्वदेशी विनिर्माण और आधुनिक तकनीक का उपयोग उद्योग के विकास के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
अत्याधुनिक तकनीक और डिजिटल विनिर्माण पर फोकस
अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष राजवंशी ने इस सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बदलती जरूरतों के अनुरूप भारत में उच्च गुणवत्ता वाले रक्षा उत्पादों के विकास और स्वदेशी विनिर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
कानपुर स्थित अदाणी आयुध निर्माण परिसर में स्वचालित विनिर्माण प्रणाली, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित गुणवत्ता निरीक्षण, रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है। कंपनी के अनुसार, संयंत्र में खतरनाक सामग्रियों की मैनुअल हैंडलिंग को समाप्त करने के उद्देश्य से डिजिटल प्रणालियां भी लागू की गई हैं।
विनिर्माण प्रक्रिया में डिजिटल ट्रेसबिलिटी के माध्यम से उत्पादन की पूरी वैल्यू चेन पर निगरानी रखी जाती है। इसके साथ ही डिजिटल सुरक्षा प्रणालियां भी कार्यरत हैं। इन तकनीकों का उद्देश्य उत्पादन प्रक्रिया की निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण और परिचालन सुरक्षा को बेहतर बनाना है।
बैलिस्टिक परीक्षण और गुणवत्ता आश्वासन की आधुनिक व्यवस्था
कानपुर परिसर में इलेक्ट्रॉनिक प्रेशर, वेलोसिटी एंड एक्शन टाइम (EPVAT) प्रणाली से सुसज्जित बैलिस्टिक परीक्षण रेंज भी मौजूद है। यह परीक्षण सुविधा नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज (NABL) से मान्यता प्राप्त बताई गई है।
यह व्यवस्था गोला-बारूद के परीक्षण, तकनीकी मूल्यांकन और गुणवत्ता आश्वासन की प्रक्रिया को मजबूत करती है। रक्षा उत्पादों के निर्माण में परीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, क्योंकि इनके माध्यम से उत्पादों के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का मूल्यांकन किया जाता है।
इससे पहले वर्ष 2025 में भी कंपनी के कानपुर आयुध निर्माण परिसर को डिजाइन, विनिर्माण और परीक्षण में उत्कृष्टता के लिए SIDM चैंपियन अवार्ड प्रदान किया गया था।
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भारत के रक्षा निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि
यह सम्मान ऐसे समय में मिला है, जब भारत के रक्षा निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत अधिक है।
सरकार ने वर्ष 2029 तक वार्षिक रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वदेशी रक्षा उत्पादों के निर्माण, अनुसंधान एवं विकास, तकनीकी क्षमताओं के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस को मिला SIDM चैंपियन अवार्ड 2026 देश के रक्षा औद्योगिक तंत्र में निजी क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित करता है। स्वदेशी उत्पादन क्षमता, आधुनिक तकनीक, अनुसंधान एवं विकास तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच के विस्तार के माध्यम से भारत वैश्विक रक्षा आपूर्ति शृंखला में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।



