UP RISE 2026: यूपी के युवाओं ने दिखाया नवाचार का दम, डॉ. अजय यादव को मिला 25 हजार का पुरस्कार
UP RISE 2026 : यूपी राइज 2026 में युवाओं ने एआई शिक्षा, पोल्ट्री फार्मिंग और ग्लोबल स्टार्टअप से जुड़े नवाचार पेश किए। डॉ. अजय यादव ने 25 हजार रुपये का प्रथम पुरस्कार जीता।

UP RISE 2026: उत्तर प्रदेश को स्टार्टअप और नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में आयोजित यूपी राइज (UP RISE) कार्यक्रम में युवाओं ने तकनीक आधारित समाधान प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। ग्रेटर नोएडा स्थित बेनेट यूनिवर्सिटी में सोमवार, 12 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यक्रम में पोल्ट्री फार्मिंग में बीमारियों की शुरुआती पहचान, एआई आधारित शिक्षा और विदेश में पढ़ाई के दौरान ग्लोबल स्टार्टअप के साथ काम करने जैसे नवाचार सामने आए। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वालों के बजाय रोजगार सृजित करने वाले उद्यमियों के रूप में तैयार करना रहा।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ निवासी डॉ. अजय यादव ने पोल्ट्री फार्मिंग में पक्षियों की बीमारियों की शुरुआती पहचान और निदान के लिए तकनीक आधारित समाधान प्रस्तुत कर पहला पुरस्कार जीता। उन्हें 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। दिल्ली की सोनल कुकरेजा फर्स्ट रनर अप और सना शर्मा सेकेंड रनर अप रहीं। दोनों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
पोल्ट्री फार्मिंग में बीमारी की पहचान करने वाला नवाचार बना विजेता
पेशे से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजय यादव ने पोल्ट्री फार्मिंग में पक्षियों की बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाने के लिए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर आधारित तकनीकी समाधान पेश किया। इसका उद्देश्य समय रहते बीमारी की पहचान कर नुकसान को कम करने में मदद करना है। मेंटरों ने उनके नवाचार को प्रथम स्थान के लिए चुना।
एआई ऐप से आसान होगी बच्चों की पढ़ाई
दिल्ली की सोनल कुकरेजा ने दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों में रहने वाले बच्चों की पढ़ाई को आसान बनाने के लिए एआई आधारित ऐप तैयार किया है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी अक्सर यूट्यूब और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अध्ययन सामग्री खोजते हैं, जिससे उन्हें सही जानकारी तलाशने में समय लगता है और भ्रम की स्थिति भी बन सकती है। उनका ऐप विभिन्न पाठ्यक्रमों से जुड़ी समस्याओं के समाधान एक ही मंच पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करता है। इस नवाचार के लिए सोनल को फर्स्ट रनर अप चुना गया।
विदेश में पढ़ाई के साथ ग्लोबल स्टार्टअप में काम करने का अवसर
दिल्ली की सना शर्मा ने ‘ट्रैवल्सी’ नाम से एक मंच विकसित किया है। इसके जरिए विदेश में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी अपनी शिक्षा के दौरान दूसरे देशों के स्टार्टअप के साथ काम कर सकते हैं। इससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव हासिल करने और उद्यमिता की बारीकियां समझने का अवसर मिलता है। स्टार्टअप के साथ काम करने का अनुभव भविष्य में अपना कारोबार शुरू करने में भी मददगार हो सकता है। सना शर्मा को इस पहल के लिए सेकेंड रनर अप घोषित किया गया।
एआई, तकनीक और कौशल विकास पर रहा जोर
कार्यक्रम का शुभारंभ बेनेट यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राज सिंह, प्रो. सिद्धार्थ शंकर और मेंटर हर्षित देसाई, ज्योति तिवारी तथा राहुल जैन ने किया। इस दौरान ड्रोन तकनीक, विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), शिक्षा और पशुपालन सहित विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार प्रस्तुत किए गए।
कुलपति डॉ. राज सिंह ने शिक्षा में एआई और तकनीकी बदलावों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि तकनीक आधारित शिक्षा, व्यावहारिक अनुभव और कौशल विकास युवाओं को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर एवं शिक्षाविद् सौम्या सिंह, एआई एजुकेटर और वनरोडमैप डॉट एआई के संस्थापक गौरव घई तथा शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के कंसल्टेंट चैतन्य के. चौबे और मोहम्मद दाऊद भी मौजूद रहे। मेंटरों ने प्रतिभागियों को नवाचार को व्यावहारिक समाधान और उद्यम में बदलने के लिए मार्गदर्शन दिया।
12 स्टार्टअप ने पेश किए समाधान
यूपी राइज कार्यक्रम में ट्रिप्ज़ी, एनॉर्थ, स्टेपकोड, वर्डियोनेक्स, चिल्ड्रेन हू कोड, ज़ोरियन इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड, स्यिंक, वेलकोरिस इंडस्ट्रीज़, प्रानिक्स टेक्नोलॉजी/स्मार्ट, पोल्ट्री फार्मिंग, ट्रैवल्सी और टेरासोल्स से जुड़े स्टार्टअप एवं नवाचार प्रस्तुत किए गए।
इन पहलों में तकनीक, शिक्षा, यात्रा और पशुपालन जैसे क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के साथ रोजगार सृजन और उद्यमिता की संभावनाएं सामने आईं। कार्यक्रम ने युवाओं के नवाचारों को प्रोत्साहित करने और उन्हें रोजगार देने वाले उद्यमी के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयासों को रेखांकित किया।


