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Regime Change Controversy : ‘भारत बांग्लादेश नहीं है’, रिजीम चेंज की बात पर विपक्ष पर बरसे किरेन रिजिजू, BJP-कांग्रेस में बढ़ा टकराव

Regime Change Controversy : किरेन रिजिजू ने ‘रिजीम चेंज’ बयान पर विपक्ष को घेरा। SIR, तिरंगा मार्च और बांग्लादेश के उदाहरण को लेकर BJP-कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज।

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Regime Change Controversy : देश में ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्ष के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत बांग्लादेश नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में सरकार का फैसला जनता अपने मताधिकार के जरिए करती है और देश के युवा भारत को बनाने में जुटे हैं, न कि उसे तोड़ने में।

रिजिजू ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों की आलोचना की। उन्होंने ‘रिजीम चेंज’ की बात करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश सफल नहीं होगी। उनका यह बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है।

‘भारत बांग्लादेश नहीं है’, रिजिजू ने विपक्ष को घेरा

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने पोस्ट में कहा कि भारत बांग्लादेश नहीं है और देश के युवा समझदार हैं। उन्होंने युवाओं की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि वे खेल, कौशल विकास, नवाचार, स्टार्टअप, तकनीक और संस्कृति के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।

रिजिजू की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कुछ विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बयानों में ‘रिजीम चेंज’ का मुद्दा सामने आया है। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष विरोध प्रदर्शनों के जरिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, विपक्षी नेता चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़ी कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठा रहे हैं।

SIR को लेकर विरोध, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इन प्रदर्शनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी आवाज उठाई गई है।

खबर के मुताबिक, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के बयानों में ‘रिजीम चेंज’ का जिक्र आया था। छात्र कार्यकर्ताओं की ओर से भारत में विरोध प्रदर्शनों की तुलना बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन से भी की गई। बांग्लादेश में Gen-Z के नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी।

हालांकि, भारत और बांग्लादेश की राजनीतिक परिस्थितियां अलग हैं। भारत में सत्ता परिवर्तन चुनावों के माध्यम से होता है और सरकार का गठन मतदाताओं के फैसले के आधार पर किया जाता है।

तिरंगा मार्च पर भी BJP और विपक्ष आमने-सामने

नई दिल्ली में विपक्षी समूहों और नागरिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान तिरंगा मार्च निकाला। भाजपा नेताओं ने इस मार्च को लेकर विपक्ष की आलोचना की और आरोप लगाया कि राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल राजनीतिक विरोध के लिए किया जा रहा है।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन और ‘हर घर तिरंगा’ जैसे राष्ट्रीय अभियान के बीच अंतर बताया। भाजपा नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान राजनीतिक गतिविधियों से ऊपर होना चाहिए।

दूसरी ओर, विरोध प्रदर्शनों में शामिल समूहों का जोर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाने पर है। ऐसे में तिरंगा मार्च और ‘रिजीम चेंज’ की बहस ने राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है।

राजनाथ सिंह ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर हमला बोला। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष भारत में बांग्लादेश जैसी राजनीतिक उथल-पुथल पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के युवाओं को अराजक राजनीति का हिस्सा बनाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। भाजपा नेताओं ने विपक्ष के बयानों को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अनुचित बताते हुए उसकी आलोचना की है।

‘लोकतंत्र में रिजीम चेंज सामान्य है’, चिदंबरम का जवाब

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम की ‘रिजीम चेंज’ शब्द के इस्तेमाल का बचाव करने के लिए आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बांग्लादेश के घटनाक्रम से प्रेरणा लेकर भारत में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

इसके जवाब में पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि भाजपा ‘रिजीम चेंज’ शब्द के इस्तेमाल पर इतना विरोध क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन सामान्य प्रक्रिया है।

इस तरह ‘रिजीम चेंज’ को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। जहां भाजपा विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगा रही है, वहीं विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने को लोकतांत्रिक अधिकार बता रहा है।

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