CJP: CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को क्राइम ब्रांच का नोटिस: जानिए क्या है पूरा मामला और धाराओं की वजह
CJP: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए बुलाया, तिहाड़ जेल से बाहर आते ही थमाया गया नोटिस।
CJP: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट ने सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ में शामिल होने के लिए आधिकारिक नोटिस भेजा है। दोनों नेताओं को गुरुवार, 22 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे क्राइम ब्रांच के दफ्तर में पेश होने के लिए कहा गया है।
तिहाड़ जेल के बाहर थमाया गया नोटिस यह पूरा घटनाक्रम तब सामने आया जब बुधवार रात करीब 8:30 बजे तिहाड़ जेल से बाहर निकलते वक्त दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने सौरव दास और आशुतोष रांका को यह नोटिस दिया। CJP के इन दोनों नेताओं ने 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानतदार पेश किए थे। इसके बाद, विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य कर रही सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) रितु राज ने दोनों को तिहाड़ जेल से रिहा करने का आदेश दिया था।
किन मामलों और धाराओं में हो रही है पूछताछ? सूत्रों के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका के अलावा अजिंक्य शिंदे से भी दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच संपर्क कर रही है। इन सभी पर मुख्य रूप से दो मामलों में पूछताछ की जाएगी:
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BNS की धारा 223: सरकारी आदेश या लोक सेवक द्वारा दिए गए आदेश का पालन न करना।
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अनाधिकृत प्रवेश और प्रदर्शन: किसी अन्य की संपत्ति में प्रवेश कर जंतर-मंतर पहुंचने और नियमों का उल्लंघन करने का मामला।
फिलहाल इस पूरे मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट (WR1) को ट्रांसफर कर दी गई है और टीम लगातार अन्य सदस्यों से संपर्क साध रही है।
कोर्ट द्वारा लिया गया शपथपत्र रिहाई से पहले कोर्ट ने दोनों नेताओं से एक शपथपत्र भी साइन करवाया है। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि वे शांति, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। शपथपत्र में यह भी कहा गया है कि जब तक जंतर-मंतर को कानून के तहत दोबारा प्रोटेस्ट साइट के रूप में अधिसूचित नहीं किया जाता, तब तक वे वहां किसी भी विरोध प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे और भविष्य में हर प्रदर्शन संविधान के दायरे में रहकर ही किया जाएगा।



