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Smriti Irani: स्मृति ईरानी ने राहुल-प्रियंका को दी चुनौती, बोलीं- अकेले दम पर यूपी चुनाव लड़कर दिखाएं

राष्ट्र सर्वोपरि सम्मेलन 2026 में स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधा। उन्होंने यूपी विधानसभा चुनाव 2027 और विपक्षी गठबंधन को लेकर भी टिप्पणी की।

Smriti Irani: दिल्ली में आयोजित ‘राष्ट्र सर्वोपरि सम्मेलन 2026’ के मंच से भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधा। उन्होंने दोनों नेताओं को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 अकेले लड़ने की चुनौती दी। स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपना चुनाव अकेले नहीं लड़ सकता, वह नेता कैसे बन सकता है? उन्होंने यह भी कहा कि 2027 के यूपी चुनाव में 2029 से पहले ही ट्रेलर दिखा दिया जाएगा।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को खुली चुनौती

28 अक्टूबर को नई दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में रिपब्लिक भारत के ‘राष्ट्र सर्वोपरि सम्मेलन 2026’ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के दौरान स्मृति ईरानी से उत्तर प्रदेश की राजनीति और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सवाल पूछा गया। जवाब में उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को निशाने पर लिया।

स्मृति ईरानी ने चुनौती देते हुए कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़कर दिखाना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, “जो आदमी अपना चुनाव अकेले नहीं लड़ सकता, वह नेता बनता है?”

उनके इस बयान को उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संभावित गठबंधन तथा विपक्षी एकजुटता के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच 2027 के चुनाव को लेकर अंतिम रणनीति और सीटों के बंटवारे पर राजनीतिक गतिविधियों के साथ तस्वीर स्पष्ट होगी।

‘2029 से पहले 2027 में ट्रेलर दिखा देंगे’

स्मृति ईरानी ने सम्मेलन के मंच से 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले 2027 के यूपी चुनाव में ट्रेलर दिखा दिया जाएगा।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। भाजपा जहां राज्य में अपनी सरकार बनाए रखने की चुनौती का सामना करेगी, वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सामने चुनावी समीकरण तैयार करने का सवाल है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में गठबंधन की भूमिका अहम रही है। ऐसे में स्मृति ईरानी की अकेले चुनाव लड़ने की चुनौती विपक्षी दलों के बीच संभावित तालमेल पर भाजपा के राजनीतिक हमले के रूप में देखी जा रही है।

राहुल गांधी की उम्र पर भी कसा तंज

सम्मेलन के दौरान स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी की उम्र और युवाओं से जुड़े आंदोलनों में उनकी भागीदारी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “56 साल के राहुल यूथ बनकर घूम रहे हैं।” इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लेकर भी व्यंग्यात्मक टिप्पणी की।

स्मृति ईरानी ने विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन के मुद्दे पर भी सवाल खड़े किए। उनके बयानों का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि सरकार बदलने का रास्ता चुनाव है और राजनीतिक दलों को जनता के बीच जाकर अपना समर्थन साबित करना चाहिए।

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2027 के यूपी चुनाव पर टिकी राजनीतिक नजरें

उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सहित सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण होगा। चुनाव में गठबंधन, सीटों का बंटवारा, नेतृत्व और स्थानीय मुद्दे राजनीतिक बहस के प्रमुख विषय बन सकते हैं।

स्मृति ईरानी के बयान ने चुनाव से पहले कांग्रेस नेतृत्व और विपक्षी गठबंधन की रणनीति को लेकर बहस को और तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस की ओर से इस चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया आती है और 2027 के चुनाव के लिए विपक्षी दल किस तरह की रणनीति अपनाते हैं।

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