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Neeraj Yadav Death: तीन बार के एशियन पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव का निधन, डोपिंग प्रतिबंध के बाद नहीं खेल पाए थे प्रतियोगिता

एशियन पैरा गेम्स में तीन गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज यादव दिल्ली के फ्लैट में मृत पाए गए। डोपिंग प्रतिबंध के कारण आगामी प्रतियोगिता में नहीं ले पाए थे हिस्सा।

Neeraj Yadav Death: भारत के पैरा-एथलेटिक्स जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। एशियन पैरा गेम्स में तीन स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय पैरा-एथलीट नीरज यादव का 42 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार रात वह दिल्ली स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए। भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने उनके निधन की पुष्टि की है। शुरुआती जानकारी में जहरीला पदार्थ खाने की आशंका जताई गई है, जबकि मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी होने की खबर है। इस घटना से खेल जगत में शोक की लहर है। स्रोत

डोपिंग प्रतिबंध के कारण आगामी एशियन पैरा गेम्स में नहीं ले पाए थे हिस्सा

नीरज यादव के निधन के बाद उनके खेल करियर के आखिरी दौर को लेकर भी चर्चा हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोपिंग मामले में लगे प्रतिबंध के कारण वह जापान में आयोजित होने वाले आईची-नागोया एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके थे। भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने आशंका जताई कि प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो पाने की वजह से नीरज भावनात्मक दबाव में रहे होंगे।

हालांकि, कोच ने भी उनकी मौत के पीछे किसी एक वजह की पुष्टि नहीं की है। इसलिए डोपिंग प्रतिबंध को उनकी मृत्यु का निश्चित कारण मानना सही नहीं होगा। मामले से जुड़ी परिस्थितियां स्पष्ट होने के बाद ही इस संबंध में कोई ठोस निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।

बचपन की चुनौती को पीछे छोड़कर बनाया अंतरराष्ट्रीय पहचान

उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले नीरज यादव का खेल सफर संघर्ष और उपलब्धियों से भरा रहा। सात साल की उम्र में उन्हें पोस्ट-पोलियो रेजिडुअल पैरालिसिस का पता चला था। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने खेल को अपना करियर बनाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।

पैरा-एथलेटिक्स में पहचान बनाने से पहले नीरज ने व्हीलचेयर टेनिस में भी हाथ आजमाया। वह करीब 2005 से 2012 तक इस खेल से जुड़े रहे। इसके बाद उन्होंने पैरा-एथलेटिक्स की ओर रुख किया और जल्द ही अपनी प्रतिभा के दम पर पहचान बनाने लगे।

साल 2015 में दिल्ली स्टेट एथलेटिक्स मीट में उन्होंने शॉट पुट, जैवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। इस सफलता ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की राह मजबूत की।

2018 में एशियाई रिकॉर्ड के साथ जीता था गोल्ड

नीरज यादव को सबसे बड़ी पहचान 2018 में इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित एशियन पैरा गेम्स से मिली। उन्होंने पुरुषों की F55 जैवलिन थ्रो स्पर्धा में 29.84 मीटर का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। उनका यह प्रदर्शन उस समय एशियाई रिकॉर्ड भी बना।

इसके बाद 2023 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में नीरज ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जैवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इस तरह उनके नाम एशियन पैरा गेम्स के कुल तीन गोल्ड मेडल दर्ज हुए।

F55 श्रेणी में बैठकर किए जाने वाले फील्ड इवेंट शामिल होते हैं। इस श्रेणी के खिलाड़ियों के लिए शॉट पुट, डिस्कस थ्रो और जैवलिन थ्रो जैसी स्पर्धाएं आयोजित की जाती हैं। नीरज ने इन स्पर्धाओं में अपनी मेहनत और प्रदर्शन से भारत को गौरवान्वित किया।

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डोपिंग मामले ने प्रभावित किया था खेल करियर

नीरज यादव का करियर अक्टूबर 2023 में लिए गए एक डोपिंग सैंपल के बाद विवादों में आ गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, बेंगलुरु में लिए गए उनके सैंपल में स्टैनोजोलोल नामक प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड की मौजूदगी पाई गई थी। इसके बाद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) की ओर से उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।

इस प्रतिबंध के चलते वह आगामी एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुके खिलाड़ी के लिए प्रतियोगिताओं से दूर रहना उनके करियर का एक मुश्किल दौर रहा। हालांकि, उनके निधन और डोपिंग प्रतिबंध के बीच सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

नीरज यादव का जाना भारतीय पैरा-एथलेटिक्स के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने बचपन में आई शारीरिक चुनौती के बावजूद खेल के मैदान पर अपनी पहचान बनाई और एशियाई स्तर पर भारत को तीन स्वर्ण पदक दिलाए। उनके निधन से जुड़ी परिस्थितियों की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

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