Kabaddi Team: कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में भारत का डबल गोल्ड, पुरुष और महिला टीमों ने रचा इतिहास
Kabaddi Team: पहले संस्करण के फाइनल में पुरुषों ने श्रीलंका और महिलाओं ने युगांडा को हराकर जीते स्वर्ण पदक।
Kabaddi Team: भारतीय कबड्डी टीम ने कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप के पहले संस्करण में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। टूर्नामेंट के पुरुष और महिला, दोनों वर्गों में भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए। पुरुष टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 54-20 से हराया, जबकि महिला टीम ने युगांडा को 35-15 से मात देकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।
दोनों फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुष टीम ने शुरुआत से ही श्रीलंका पर बढ़त बनाए रखी और महिला टीम ने भी युगांडा को वापसी का मौका नहीं दिया। इस तरह चैंपियनशिप के पहले ही संस्करण में भारत ने दोनों स्वर्ण पदक जीतकर अपनी उपलब्धि दर्ज कराई।
पुरुष टीम ने श्रीलंका को 54-20 से हराया
सुरजीत सिंह की कप्तानी में उतरी भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में एकतरफा प्रदर्शन किया। मुकाबले के शुरुआती हाफ में ही भारत ने 15-2 की मजबूत बढ़त बना ली थी। भारतीय खिलाड़ियों की रेडिंग और डिफेंस के सामने श्रीलंका की टीम लगातार दबाव में रही।
भारत ने पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी और अंत में 54-20 के बड़े अंतर से जीत हासिल की। भारतीय पुरुष टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। किसी भी मुकाबले में उसे कड़ी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा।
आदित्य शिंदे ने जुटाए सबसे ज्यादा अंक
पुरुष फाइनल में भारत की ओर से आदित्य शिंदे सबसे ज्यादा प्रभावशाली रहे। उन्होंने छह टच पॉइंट्स सहित कुल 10 अंक हासिल किए। भरत हुड्डा ने आठ और पंकज मोहिते ने छह अंक जोड़कर टीम की जीत में योगदान दिया।
डिफेंस में योगेश दहिया ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कुल पांच टैकल पॉइंट्स हासिल कर श्रीलंकाई रेडरों को रोकने में अहम भूमिका निभाई। स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने तिरंगे के साथ मैदान में लैप ऑफ ऑनर भी किया।
महिला टीम ने युगांडा को 35-15 से दी शिकस्त
भारतीय महिला टीम ने भी फाइनल में दमदार खेल दिखाया। टीम ने युगांडा के खिलाफ शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और मुकाबला 35-15 से अपने नाम कर लिया। भारतीय खिलाड़ियों ने रेडिंग और डिफेंस, दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन किया।
महिला टीम की ओर से साक्षी ने सबसे ज्यादा नौ अंक जुटाए। उन्होंने 10 प्रयासों में ये अंक हासिल किए। अनु सेन ने छह रेड पॉइंट्स जोड़े, जबकि निधि शर्मा ने बोनस पॉइंट्स के जरिए टीम को बढ़त बनाए रखने में मदद की।
मैच में भारतीय टीम ने कुल 20 रेड पॉइंट्स और 10 टैकल पॉइंट्स हासिल किए। युगांडा की टीम ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारत ने पूरे मुकाबले में अपना दबदबा कायम रखा।
पुरुष और महिला वर्ग में किसे मिला कौन-सा पदक?
कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप के पहले संस्करण में पुरुष और महिला वर्ग के पदक विजेताओं की सूची इस प्रकार रही:
| वर्ग | स्वर्ण पदक | रजत पदक | कांस्य पदक |
|---|---|---|---|
| पुरुष | भारत | श्रीलंका | केन्या और बांग्लादेश |
| महिला | भारत | युगांडा | केन्या और श्रीलंका |
दोनों वर्गों में भारत के स्वर्ण जीतने के साथ केन्या ने भी पुरुष और महिला, दोनों प्रतियोगिताओं में कांस्य पदक हासिल किया।
भारतीय कबड्डी के लिए अहम उपलब्धि
पहले कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में पुरुष और महिला टीमों का स्वर्ण जीतना भारतीय कबड्डी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दोनों टीमों ने फाइनल में मजबूत प्रदर्शन कर खिताब अपने नाम किए। पुरुष टीम की अजेय यात्रा और महिला टीम की निर्णायक जीत ने टूर्नामेंट में भारत के प्रदर्शन को खास बना दिया।
इस दोहरी सफलता के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने कबड्डी में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया और चैंपियनशिप के पहले संस्करण को दोनों स्वर्ण पदकों के साथ समाप्त किया।



