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Supreme Court: केरल कांग्रेस की पोस्ट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI सूर्यकांत के खिलाफ टिप्पणी को लेकर पदाधिकारियों को नोटिस

Supreme Court: अदालत ने कहा- संयम को कमजोरी न समझें, आपराधिक अवमानना की कार्रवाई पर मांगा जवाब; दिसंबर में अगली सुनवाई

Supreme Court: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के खिलाफ केरल कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले में केरल कांग्रेस के पदाधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।

जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी को भी न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी करने की छूट नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि उसका संयम कमजोरी नहीं है और इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा।

‘हमारे संयम को कमजोरी न समझा जाए’

सुनवाई के दौरान जस्टिस अरविंद कुमार ने कहा कि अदालत खुद पर नियंत्रण रखती है, लेकिन इसे उसकी कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए। अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार किसी को भी कुछ भी कहने की अनुमति नहीं देता।

पीठ ने यह भी कहा कि संविधान सर्वोच्च है और न्यायपालिका उसी के दायरे में रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करती है। इसके लिए किसी राजनीतिक दल या संस्था की सहमति आवश्यक नहीं है। अदालत की गरिमा पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा।

क्या है केरल कांग्रेस की विवादित पोस्ट का मामला?

दरअसल, केरल कांग्रेस के आधिकारिक X अकाउंट से मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को लेकर एक विवादित पोस्ट साझा की गई थी। इसमें उनके लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए पद छोड़ने की मांग की गई थी। पोस्ट में यह भी कहा गया था कि उनके विकल्प की तलाश की जा सकती है।

सोशल मीडिया पर पोस्ट को लेकर विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस ने उसे अपने अकाउंट से हटा दिया था। इसके साथ ही पार्टी की ओर से सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी गई थी। हालांकि, मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया और अदालत ने इस पर संज्ञान लिया।

वकील की शिकायत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने शुरू की कार्रवाई

इस मामले में अधिवक्ता विनीत जिंदल ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखकर केरल कांग्रेस की पोस्ट की जानकारी दी थी। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया था कि इस मामले में पार्टी के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की जाए।

इसी शिकायत के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया और केस दर्ज किया। अब अदालत ने केरल कांग्रेस के पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर उनसे अपना पक्ष रखने को कहा है।

माफी के हलफनामे की भी जांच करेगी अदालत

सुनवाई के दौरान केरल कांग्रेस की तरफ से पेश हुए वकील ने अदालत को बताया कि पार्टी बिना शर्त माफी मांगने के लिए तैयार है। इसके लिए अदालत में हलफनामा भी दाखिल किया जाएगा।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह माफी के पीछे की गंभीरता और उसकी वास्तविक मंशा को परखेगा। अदालत यह भी देखेगी कि माफी वास्तव में दिल से मांगी गई है या केवल कानूनी औपचारिकता पूरी करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

दो वरिष्ठ वकील नियुक्त किए गए एमिकस क्यूरी

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सहायता के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार और अधिवक्ता गौरव अग्रवाल को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है। इसके अलावा अटॉर्नी जनरल से भी इस प्रकरण में अदालत की सहायता करने को कहा गया है।

अदालत ने अगली सुनवाई में पार्टी पदाधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दे दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई दिसंबर में होगी।

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